“सिर्फ सामान नहीं, अब पैसा भी”: फ्लिपकार्ट की फिनटेक यूनिट सुपर.मनी में 300 मिलियन डॉलर का इन्वेस्टमेंट

 

अब आप सोचिए, वो कंपनी जो पहले सिर्फ मोबाइल, कपड़े और फ्रिज बेचती थी, अब आपके पैसे संभालने की तैयारी कर रही है। जी हां, हम बात कर रहे हैं फ्लिपकार्ट की — और उसकी नई फिनटेक यूनिट “सुपर.मनी” की, जिसमें वॉलमार्ट ने 300 मिलियन डॉलर यानी करीब 2,500 करोड़ रुपये का इन्वेस्टमेंट करने का ऐलान किया है।

अब आम आदमी की नजर से देखें तो ये खबर थोड़ी चौंकाने वाली लगती है। क्योंकि हम तो फ्लिपकार्ट को एक ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट के तौर पर जानते हैं — जहां सेल आती है, डिस्काउंट मिलता है और सामान घर पहुंचता है। लेकिन अब फ्लिपकार्ट सिर्फ सामान नहीं, बल्कि फाइनेंशियल सर्विसेज भी देने जा रहा है। और इसके लिए उसने बनाई है अपनी फिनटेक ब्रांड — सुपर.मनी

सुपर.मनी है क्या ?

सुपर.मनी को फ्लिपकार्ट ने 2024 में लॉन्च किया था। शुरुआत में ये एक सिंपल UPI ऐप था — जैसे फोनपे या गूगल पे। लेकिन धीरे-धीरे इसने अपना दायरा बढ़ाया और अब ये फिक्स्ड डिपॉजिट, क्रेडिट कार्ड, लोन और यहां तक कि स्टॉक ट्रेडिंग जैसी सुविधाएं देने की तैयारी में है।

इस ऐप ने बहुत तेजी से ग्रोथ की है। आज ये भारत का पांचवां सबसे बड़ा UPI ऐप बन चुका है, जो हर महीने करीब 257 मिलियन ट्रांजैक्शन करता है — यानी 9,290 करोड़ रूपए से ज्यादा का लेन-देन। और ये सब सिर्फ एक साल में हुआ है।

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“सिर्फ सामान नहीं, अब पैसा भी”: फ्लिपकार्ट की फिनटेक यूनिट सुपर.मनी में 300 मिलियन डॉलर का इन्वेस्टमेंट
“सिर्फ सामान नहीं, अब पैसा भी”: फ्लिपकार्ट की फिनटेक यूनिट सुपर.मनी में 300 मिलियन डॉलर का इन्वेस्टमेंट(image source-the arc)

वॉलमार्ट क्यों कर रहा है इतना बड़ा इन्वेस्टमेंट ?

फ्लिपकार्ट की मालिक कंपनी वॉलमार्ट ने देखा कि भारत में डिजिटल पेमेंट और फिनटेक का बाजार बहुत तेजी से बढ़ रहा है। लोग अब सिर्फ सामान नहीं खरीदते, बल्कि ऑनलाइन लोन लेते हैं, निवेश करते हैं और EMI पर चीजें खरीदते हैं। ऐसे में सुपर.मनी को एक बड़े प्लेटफॉर्म में बदलना वॉलमार्ट के लिए एक स्मार्ट मूव है।

इससे पहले भी फ्लिपकार्ट ने सुपर.मनी में 20 मिलियन डॉलर का इन्वेस्टमेंट किया था। अब 300 मिलियन डॉलर का नया फंड मिलेगा, जिससे ये कंपनी और तेजी से लोन, निवेश और डिजिटल बैंकिंग की दुनिया में कदम बढ़ाएगी।

आम आदमी को क्या फायदा ?

अब बात करते हैं हम जैसे लोगों की — जो महीने के खर्च के लिए UPI से पेमेंट करते हैं, EMI पर मोबाइल खरीदते हैं और कभी-कभी FD भी खोलते हैं। सुपर.मनी ने Axis Bank के साथ मिलकर एक क्रेडिट कार्ड लॉन्च किया है जिसमें 3% तक कैशबैक मिलता है और कोई एनुअल फीस नहीं है। इसके अलावा, ये ऐप नए कमाने वालों को टारगेट कर रहा है — यानी वो लोग जो पहली बार नौकरी कर रहे हैं और डिजिटल तरीके से पैसे संभालना चाहते हैं।

कंपनी का कहना है कि वो फाइनेंशियल सर्विसेज को आसान और सबके लिए सुलभ बनाना चाहती है। CEO प्रकाश सिकरिया ने कहा, “हम UPI के जरिए फाइनेंशियल इनक्लूजन को बढ़ावा देना चाहते हैं”।

आगे क्या ?

सुपर.मनी अब स्टॉक ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म भी बना रहा है — ताकि आम लोग भी शेयर बाजार में निवेश कर सकें, बिना किसी झंझट के। कंपनी ने अब तक अपने लेंडिंग पार्टनर्स के जरिए $700 मिलियन से ज्यादा के लोन बांटे हैं और साल के अंत तक प्रॉफिट में आने का लक्ष्य रखा है।

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