अमित शाह ने Gmail छोड़ा, अब Zoho Mail करेंगे इस्तेमाल: डिजिटल आत्मनिर्भरता की तरफ बड़ा कदम

आज की डिजिटल दुनिया में ईमेल हमारे काम का एक जरूरी हिस्सा बन गया है। सरकारी काम हो या निजी, हर जगह मेल का इस्तेमाल होता है। अब इस लाइन में एक बड़ी खबर आई है जिसमें देश के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने ईमेल प्लेटफॉर्म को बदल दिया है। जी हां, अमित शाह ने Google के Gmail को अलविदा कहते हुए भारत की बनी हुई Zoho Mail पर अपना आधिकारिक ईमेल शिफ्ट कर लिया है।

अमित शाह ने खुद दी जानकारी : –

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट करके यह खबर खुद लोगों को दी। उन्होंने लिखा, “मैंने अपना ईमेल एड्रेस Zoho Mail पर स्विच कर लिया है। मेरा नया ईमेल एड्रेस है amitshah.bjp@zohomail.in। कृपया भविष्य में इसी ईमेल पते का इस्तेमाल करें।”

शाह के इस कदम को देखा जाए तो यह मोदी सरकार के आत्मनिर्भर भारत अभियान की एक अहम पहल है, जहाँ सरकार स्वदेशी तकनीक को बढ़ावा दे रही है।

Zoho Mail क्या है ?

Zoho Mail एक भारतीय कंपनी Zoho Corporation द्वारा विकसित ईमेल सेवा है, जो पूरी तरह से सुरक्षित और प्राइवेसी-फ्रेंडली है। यह खास तौर से कंपनी और प्रोफेशनल यूजर के लिए डिज़ाइन की गई है। Gmail और Microsoft Outlook जैसे बड़े नामों का मुकाबला करने के लिए Zoho ने अपना प्लेटफॉर्म बनाया है, जो खासतौर पर भारतीय डिजिटल आत्मनिर्भरता के लिहाज से गर्व की बात है।हाल ही में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, केंद्रीय शिक्षा मंत्री और अन्य कई अधिकारी भी Zoho के प्लेटफॉर्म को अपनी ऑफिसियल मेल के लिए अपना चुके हैं। यह कदम भारत में टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में स्वदेशी विकल्पों को अपनाने में मदद कर रहा है।

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अमित शाह ने Gmail छोड़ा, अब Zoho Mail करेंगे इस्तेमाल: डिजिटल आत्मनिर्भरता की तरफ बड़ा कदम
अमित शाह ने Gmail छोड़ा, अब Zoho Mail करेंगे इस्तेमाल: डिजिटल आत्मनिर्भरता की तरफ बड़ा कदम(image source – Canh Me)

क्यों है यह बदलाव खास ?

Gmail और Microsoft Outlook जैसे प्लेटफॉर्म बड़े और लोकप्रिय हैं, लेकिन वे विदेशी कंपनियों के हैं जिनका डाटा कई बार सुरक्षा के लिहाज से सवालों के घेरे में आता है। अमित शाह का Zoho Mail पर आना इस बात का संकेत है कि भारत अपना डेटा और सुरक्षा खुद संभालना चाहता है।यह कदम डिजिटल आत्मनिर्भरता को मजबूती देता है और अन्य सरकारी विभागों, मंत्रालयों, और यहां तक कि प्राइवेट कंपनियों को भी अपने डेटा का सुरक्षा और नियंत्रण खुद रखने की प्रेरणा देता है।

Zoho के संस्थापक का स्वागत : –

Zoho के फाउंडर और सीईओ श्रीधर वेम्बु ने अमित शाह के इस कदम की खुलकर तारीफ की। उन्होंने ट्वीट किया कि यह भारत के डिजिटल आत्मनिर्भरता मिशन के लिए एक गर्व का पल है। उन्होंने कहा कि Zoho टीम के लिए यह एक बड़ा उत्साहवर्धक कदम है क्योंकि भारत के शीर्ष नेता स्वदेशी तकनीक को प्राथमिकता दे रहे हैं।

अगर आम आदमी की भाषा में देखें, तो यह बदलाव हमें भी सोचने पर मजबूर करता है कि हमें भी अपने कामकाज के लिए ऐसे सुरक्षित और भरोसेमंद प्लेटफॉर्म का उपयोग करना चाहिए। क्यों न अपनी प्राइवेसी और डेटा सुरक्षा के लिहाज से स्वदेशी विकल्पों को मौका दिया जाए ? अमित शाह जैसे बड़े नेता जब इस दिशा में कदम उठाते हैं, तो यह देश के डिजिटल फीचर्स के लिए उम्मीद की किरण है। इससे लोगों का भरोसा बंधता है कि वे विदेशी तकनीक पर पूर्ण निर्भर ना रहें और अपना प्लेटफॉर्म भी मजबूती से लेकर आगे बढ़ें।

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अमित शाह का Gmail से Zoho Mail पर स्विच होना सिर्फ एक तकनीकी बदलाव नहीं है, बल्कि यह डिजिटल इंडिया के विजन के साथ पूरी तरह तालमेल खाता है। यह कदम भारत की टेक शक्तियों को सपॉर्ट करने का भी संदेश देता है।आज भारत में कई स्वदेशी टेक स्टार्टअप और कंपनियां अपनी ताकत दिखा रही हैं और इनकी मदद से हम भविष्य की तकनीक में विश्वस्तरीय बन सकते हैं। गृह मंत्री अमित शाह की Zoho Mail पर स्विचिंग इस दिशा में एक प्रेरणा और बड़ी पहल है। अब उम्मीद है कि आने वाले दिनों में और भी सरकारी अधिकारी और विभाग Zoho तथा अन्य स्वदेशी प्लेटफॉर्म को अपनाएंगे, जिससे हमारा देश तकनीकी रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बन सके।

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