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क्रिकेट के मैदान में अमेरिका को बड़ा झटका—ICC ने किया बैन, खिलाड़ी तो बच गए लेकिन बोर्ड डूब गया!

क्रिकेट के मैदान में अमेरिका को बड़ा झटका—ICC ने किया बैन, खिलाड़ी तो बच गए लेकिन बोर्ड डूब गया!

क्रिकेट के मैदान में अमेरिका को बड़ा झटका—ICC ने किया बैन, खिलाड़ी तो बच गए लेकिन बोर्ड डूब गया!(image source- times of india)

 

 

जब हम क्रिकेट की बात करते हैं तो दिमाग में भारत, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड जैसे देश आते हैं। अमेरिका का नाम तो ज़्यादा लोग लेते ही नहीं। लेकिन पिछले कुछ सालों में अमेरिका ने क्रिकेट को लेकर काफी कोशिशें की थीं—टी20 लीग शुरू की, वर्ल्ड कप की मेज़बानी की, और 2028 ओलंपिक में क्रिकेट को शामिल कराने की तैयारी भी चल रही थी। लेकिन अब ICC ने ऐसा झटका दिया है कि अमेरिका का क्रिकेट बोर्ड ही सस्पेंड हो गया।

23 सितंबर 2025 को ICC ने अमेरिका क्रिकेट (USA Cricket) की सदस्यता को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया। अब आप सोच रहे होंगे—ऐसा क्यों हुआ? तो चलिए, आम भाषा में समझते हैं।

सबसे बड़ी वजह थी—

गवर्नेंस यानी बोर्ड की अंदरूनी व्यवस्था। ICC ने कहा कि USA Cricket बार-बार नियमों का उल्लंघन कर रहा था। जुलाई 2024 में ICC ने उन्हें चेतावनी दी थी और एक साल का वक्त दिया था कि अपनी व्यवस्था सुधारो। लेकिन जब सुधार नहीं हुआ, तो ICC ने बैन लगा दिया।

क्रिकेट के मैदान में अमेरिका को बड़ा झटका—ICC ने किया बैन, खिलाड़ी तो बच गए लेकिन बोर्ड डूब गया!(image source -the economics times)

अब ये उल्लंघन क्या थे?

मतलब, बोर्ड खुद ही अपने बनाए नियमों को नहीं मान रहा था। ICC ने कहा कि ये फैसला “मजबूरी में” लिया गया है ताकि खिलाड़ियों और खेल का भविष्य सुरक्षित रहे।

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अब सवाल उठता है—क्या अमेरिका की टीम अब ICC टूर्नामेंट नहीं खेलेगी?

तो राहत की बात ये है कि बैन सिर्फ बोर्ड पर है, खिलाड़ियों पर नहीं। USA की पुरुष और महिला टीमें ICC के सभी टूर्नामेंट खेल सकेंगी, और 2028 लॉस एंजेलेस ओलंपिक की तैयारी भी जारी रहेगी। लेकिन अब उनकी टीमों का संचालन ICC खुद करेगा या उसके नियुक्त प्रतिनिधि।

ICC ने एक “नॉर्मलाइजेशन कमेटी” बनाई है जो USA Cricket को सुधारने का रोडमैप देगी। इसमें बोर्ड को फिर से बनाना, नए डायरेक्टर लाना, और USOPC से मान्यता लेना शामिल है।

अब सोचिए, अमेरिका जैसा देश जो दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, वहां क्रिकेट का बोर्ड ही ठीक से नहीं चल रहा। और ये तब हो रहा है जब अमेरिका 2028 में ओलंपिक की मेज़बानी कर रहा है, जिसमें क्रिकेट को शामिल किया गया है।

इससे एक बात साफ है—बड़ा देश होने से खेल की व्यवस्था नहीं चलती। अगर अंदर से सिस्टम गड़बड़ है, तो ICC जैसे संगठन सख्त कदम उठाते हैं।

ये कहानी बताती है कि क्रिकेट सिर्फ बल्ला और गेंद का खेल नहीं है—ये भरोसे, नियम और व्यवस्था का खेल भी है। और जब कोई बोर्ड इन चीजों को नजरअंदाज करता है, तो ICC जैसे संगठन उसे बाहर का रास्ता दिखा देते हैं।

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