ITR रिफंड 2025 में देरी हो रही है? घबराएं नहीं, जानिए कब आएगा आपके खाते में पैसा!
ITR फाइल किया था जून में, रिफंड का अभी तक कोई अता-पता नहीं!
दोस्तों, अगर आपने भी अपना Income Tax Return (ITR) जून-जुलाई में ही फाइल कर दिया था और सोच रहे थे कि जल्दी रिफंड मिल जाएगा, लेकिन अभी तक बैंक में पैसा नहीं आया है, तो आप अकेले नहीं हैं। इस साल हजारों-लाखों टैक्सपेयर्स सोशल मीडिया पर अपनी शिकायत कर रहे हैं कि उनका रिफंड अटका हुआ है।
X (पहले Twitter) पर लोग लगातार आयकर विभाग से सवाल पूछ रहे हैं। कुछ लोगों ने तो जून से इंतज़ार कर रहे हैं, तो कुछ को इमरजेंसी में पैसों की सख्त जरूरत है लेकिन रिफंड अभी तक नहीं आया।
तो आखिर ये देरी क्यों हो रही है? कब तक आएगा रिफंड? और सबसे जरूरी – क्या करना चाहिए अगर आपका रिफंड अटक गया है? चलिए सब कुछ आसान भाषा में समझते हैं।
इस बार देरी इतनी ज्यादा क्यों है ? : –
सबसे पहले बात करते हैं कि इस साल रिफंड में देरी के पीछे क्या कारण हैं। दोस्तों, एक नहीं बल्कि कई कारण हैं :
1. प्रोसेसिंग में भारी बैकलॉग
फिलहाल 1 करोड़ से ज्यादा ITR अभी भी प्रोसेसिंग के लिए पेंडिंग हैं। इनमें से कई रिटर्न तो अभी तक वेरिफाई भी नहीं हुए हैं, और जो वेरिफाई हो गए हैं वे भी प्रोसेस होने का इंतज़ार कर रहे हैं।
अक्टूबर 5 तक 7.68 करोड़ ITR फाइल हो चुके थे, जिनमें से 6.11 करोड़ प्रोसेस हो चुके हैं। यानी लगभग 1.57 करोड़ रिटर्न अभी भी पेंडिंग हैं। ये कोई छोटा आंकड़ा नहीं है!
2. लेट शुरुआत और समय की कमी
इस साल ITR फाइलिंग मई के आखिर में काफी देरी से शुरू हुई – लगभग एक महीने की देरी से। पहले की डेडलाइन 31 जुलाई थी, जो अब बढ़ाकर 15 सितंबर कर दी गई। इस देरी ने पूरे प्रोसेसिंग साइकिल को धीमा कर दिया।

3. Old Tax Regime की पड़ताल
सरकार अब उन टैक्सपेयर्स की गहन जांच कर रही है जिन्होंने पुरानी टैक्स रिजीम (Old Tax Regime) चुनी है। इस रिजीम में कई तरह की कटौतियां और छूट मिलती हैं, और पहले कई लोगों ने फर्जी डिडक्शन क्लेम किए थे।
अब आयकर विभाग हर क्लेम को सख्ती से वेरिफाई कर रहा है, जिससे प्रोसेसिंग में समय लग रहा है।
4. ITR फॉर्म में बदलाव
FY 2024-25 के लिए ITR फॉर्म में बदलाव किए गए हैं। अब डिडक्शन्स की विस्तृत जानकारी देनी होती है – पॉलिसी नंबर, डॉक्यूमेंट आईडी, PAN, आधार, बैंक डिटेल्स आदि। विभाग इन सभी डिटेल्स को तीसरे पक्ष से क्रॉस-वेरिफाई करता है, जिससे समय लगता है।
5. फर्जी क्लेम्स की जांच
कई सैलरीड लोग Old Regime चुनकर फर्जी डिडक्शन या एग्जेम्पशन क्लेम करते हैं ताकि टैक्स कम हो और ज्यादा रिफंड मिले। सरकार अब इन पर सख्ती से नज़र रख रही है।
अगर आपने अपनी इनकम का बहुत ज्यादा प्रतिशत डिडक्शन के रूप में क्लेम किया है तो आपके केस की विशेष जांच होगी। फर्जी क्लेम पर 200% तक की पेनल्टी लग सकती है !
6. डेटा मिसमैच और तकनीकी गड़बड़ियां
अगर आपके रिटर्न में दिखाया गया टैक्स क्रेडिट Form 26AS या Annual Information Statement (AIS) से मैच नहीं करता, तो रिफंड रोक दिया जाता है।
कई बार छोटी-छोटी गलतियां भी देरी का कारण बनती हैं – अधूरा ई-वेरिफिकेशन, गलत बैंक डिटेल्स, या पुराना पता ।
कितने दिन में आना चाहिए रिफंड ? : –
आम तौर पर ITR प्रोसेस होने के बाद 4-5 हफ्ते में रिफंड बैंक अकाउंट में क्रेडिट हो जाना चाहिए। लेकिन इस साल टैक्सपेयर्स देख रहे हैं कि ITR “Processed” दिखाने के बाद भी 15-30 दिनों का गैप हो रहा है।
सीए सिद्धार्थ मौर्य बताते हैं कि अभी तक केवल 37% ITR ही प्रोसेस हुए हैं, और प्रगति रुकी हुई लग रही है। कुछ लोग जून-जुलाई से इंतज़ार कर रहे हैं, जबकि कुछ को इमरजेंसी में पैसों की सख्त जरूरत है।
हालांकि, सब कुछ नकारात्मक नहीं है। कुछ टैक्सपेयर्स ने बताया कि उन्हें 7 दिन में ही रिफंड मिल गया। एक यूजर ने कहा कि उन्हें रिफंड की सूचना मिली और अगली सुबह ही SBI ने मेल भेजा कि पैसा खाते में आ गया है।
तो ये साफ है कि जो लोग सही तरीके से, बिना किसी गड़बड़ी के ITR फाइल कर रहे हैं, उनके रिफंड जल्दी आ रहे हैं।
सबसे आम कारण जिनसे रिफंड अटक जाता है
1. ई-वेरिफिकेशन न करना
ITR फाइल करना काफी नहीं है, आपको इसे 30 दिन के अंदर वेरिफाई करना जरूरी है। आप ये आधार OTP, नेट बैंकिंग या CPC बेंगलुरु को साइन किया हुआ एक्नॉलेजमेंट भेजकर कर सकते हैं। अगर वेरिफाई नहीं किया तो रिटर्न इनवैलिड हो जाता है और रिफंड नहीं मिलेगा।
2. गलत बैंक डिटेल्स
बैंक मर्जर और IFSC कोड बदलने के कारण अगर आपके लिंक किए हुए अकाउंट में ट्रांसफर नहीं हो पाता तो रिफंड बाउंस हो जाता है।
कुछ आम कारण हैं – बैंक अकाउंट ई-फाइलिंग पोर्टल पर प्री-वैलिडेटेड नहीं है, बैंक अकाउंट के नाम और PAN डिटेल्स में मिसमैच, गलत या पुराना IFSC कोड, या बंद हो चुका बैंक अकाउंट।

3. PAN-आधार लिंक नहीं होना
अगर आपका PAN आधार से लिंक नहीं है तो रिफंड में देरी हो सकती है। ये अब अनिवार्य है।
4. बहुत ज्यादा रिफंड क्लेम
अगर रिफंड की राशि असामान्य रूप से ज्यादा है तो विभाग अतिरिक्त जांच करता है। ये सावधानी के तौर पर किया जाता है।
5. TDS मिसमैच
कुछ टैक्सपेयर्स TDS का रिफंड क्लेम करते हैं लेकिन पूरी संबंधित इनकम नहीं दिखाते। मसलन, 87,000 रुपये की इनकम पर कटा TDS क्लेम करें लेकिन इनकम सिर्फ 37,000 दिखाएं। ऐसे केस में डिफेक्टिव नोटिस आता है और रिफंड रुक जाता है ।
अपने रिफंड का स्टेटस कैसे चेक करें ? : –
बहुत आसान है :
- Step 1: Income Tax e-filing portal पर जाएं और अपने लॉगिन क्रेडेंशियल से लॉगिन करें
- Step 2: ‘e-File’ > ‘Income Tax Returns’ > ‘View Filed Returns’ पर क्लिक करें
- Step 3: जिस assessment year का रिफंड चेक करना है उस पर जाएं और ITR स्टेटस देखें
- Step 4: ‘View details’ पर क्लिक करें तो नई विंडो में रिफंड की पूरी जानकारी दिखेगी
- आप Services > Know Your Refund Status से भी चेक कर सकते हैं।
रिफंड के अलग-अलग स्टेटस का मतलब
- Submitted and pending for e-verification: ITR फाइल हो गया लेकिन अभी वेरिफाई नहीं हुआ (Yahoo Finance)
- E-verified: वेरिफिकेशन हो गया, अब प्रोसेसिंग होगी
- Processed: रिटर्न प्रोसेस हो गया, रिफंड 15-30 दिन में आना चाहिए
- Refund Paid: पैसा आपके बैंक को भेज दिया गया है
रिफंड नहीं आया तो क्या करें? स्टेप बाय स्टेप गाइड
- स्टेप 1: अपना रिटर्न दोबारा चेक करें
अपने फाइल किए गए ITR को इनकम टैक्स पोर्टल पर चेक करें। अगर प्रोसेसिंग असामान्य रूप से लंबे समय से पेंडिंग है तो किसी गलती या फर्जी क्लेम के लिए क्रॉस-वेरिफाई करें । - स्टेप 2: बैंक डिटेल्स वेरिफाई करें
सुनिश्चित करें कि आपके ITR में दिया गया बैंक अकाउंट और IFSC कोड बिल्कुल सही है। एक छोटी सी गलती भी रिफंड को रोक सकती है। - स्टेप 3: Form 26AS और AIS से मिलान करें
Form 26AS में दिखाए गए टैक्स की तुलना अपने ITR में रिपोर्ट की गई राशि से करें। डिस्क्रेपेंसी से देरी हो सकती है । - स्टेप 4: 90 दिन बाद ग्रीवेंस फाइल करें
90 दिन के बाद, और केवल तभी जब आपके ITR में कोई मिसमैच या पेंडिंग एक्शन न हो, आप ग्रीवेंस फाइल कर सकते हैं । - स्टेप 5: Refund Re-issue Request करें

अगर रिफंड क्लेम किया था लेकिन नहीं मिला, तो IT विभाग से refund re-issue के लिए रिक्वेस्ट करें:
- ई-फाइलिंग पोर्टल पर लॉगिन करें
- “My Account” में जाएं
- “Refund Re-issue” चुनें और “Create Refund Reissue Request” पर क्लिक करें
- जरूरी डिटेल्स भरें – PAN, assessment year, refund amount
- E-Verify करें और सबमिट करें
- स्टेप 6: Helpdesk या बैंक से संपर्क करें
अगर रिफंड प्रोसेस हो गया है और RFD कोड जनरेट हो गया है लेकिन पैसा क्रेडिट नहीं हुआ, तो अपनी बैंक ब्रांच या NSDL से संपर्क करें।
गलती मिली तो क्या करें ? : –
अगर आपको अपने ITR में कोई गलती, फर्जी डिडक्शन या गलत रिफंड क्लेम मिलता है, तो 31 दिसंबर 2025 से पहले रिवाइज्ड रिटर्न फाइल कर दें ताकि ज्यादा पेनल्टी और ब्याज से बच सकें।
जरूरी डॉक्यूमेंट्स तैयार रखें क्योंकि विभाग प्रूफ मांग सकता है।
आयकर विभाग की सख्ती क्यों ?
सीए सिद्धार्थ मौर्य कहते हैं, “टैक्स विभाग सटीकता को स्पीड से ज्यादा तरजीह देता है, इसलिए वे रिफंड देने से पहले गलत क्लेम्स को फिल्टर करते हैं”।
टैक्स एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस बार की देरी से उन ईमानदार टैक्सपेयर्स को परेशानी हो सकती है जो हर साल समय पर ITR फाइल करते हैं और जिनके खिलाफ कोई पेंडिंग केस नहीं है।
एक्सपर्ट्स का सुझाव है कि आयकर विभाग को एक पारदर्शी और स्पष्ट सिस्टम बनाना चाहिए ताकि टैक्सपेयर्स को पता चल सके कि उनका रिफंड क्यों अटका है और कितने दिनों में प्रोसेसिंग की उम्मीद है। फिलहाल किसी संवाद की कमी से भ्रम की स्थिति है ।
विभाग की CBDT की नई पॉलिसी
Central Board of Direct Taxes (CBDT) और आयकर विभाग ऑटोमेटेड रिस्क मैनेजमेंट सिस्टम चला रहे हैं जो मिसमैच और संदिग्ध क्लेम्स को पकड़ता है।
आपका ITR रिफंड रोका जा सकता है अगर :
- आपने बड़ा रिफंड क्लेम किया है जो Form 26AS या AIS से मैच नहीं करता
- डिक्लेयर की गई इनकम और TDS/TCS में मिसमैच है
- Chapter VI-A के तहत अत्यधिक डिडक्शन या एग्जेम्पशन क्लेम किया है
- Section 143(1D) के तहत अगर स्क्रूटिनी नोटिस जारी होता है, तो असेसमेंट पूरा होने तक रिफंड रोका जा सकता है।
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देरी पर ब्याज मिलता है : –
एक अच्छी खबर! अगर आपका रिफंड देरी से आता है, तो आयकर विभाग देय राशि पर 0.5% प्रति माह के हिसाब से ब्याज देता है जब तक पैसा क्रेडिट नहीं हो जाता। ये सुनिश्चित करता है कि टैक्सपेयर्स को इंतज़ार की अवधि के लिए मुआवजा मिले।
एक्सपर्ट्स की सलाह : –
एक्सपर्ट्स की सलाह है कि टैक्सपेयर्स को घबराने की जरूरत नहीं है। अगर आपने अपना ITR सही तरीके से फाइल किया है और सभी डिटेल्स सही भरी हैं, तो आपको रिफंड जरूर मिलेगा, भले ही देर से मिले।
वे सुझाव देते हैं कि टैक्सपेयर्स प्रोसेसिंग स्टेटस चेक करते रहें। अगर पिछले सालों में कोई असेसमेंट नोटिस मिला था तो उसका स्टेटस भी देखें।
अंतिम डेडलाइन का ध्यान रखें : –
आयकर विभाग ने पिछले महीने AY 2025-26 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की डेडलाइन 15 सितंबर 2025 तक बढ़ा दी थी। ऑडिट केसेज के लिए ये 31 अक्टूबर 2025 है।
सलाह दी जाती है कि टैक्सपेयर्स आखिरी दिन का इंतज़ार न करें क्योंकि इससे देरी और बढ़ सकती है जब लाखों रिटर्न प्रोसेस होने के लिए लाइन में खड़े होते हैं।
धैर्य रखें, पर सतर्क भी रहें
तो दोस्तों, AY 2025-26 के लिए इनकम टैक्स रिफंड में देरी असुविधाजनक हो सकती है, लेकिन ये आयकर विभाग की सटीकता और पारदर्शिता के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
अगर आपने सही तरीके से ITR फाइल किया है, सभी डिटेल्स सही हैं, और कोई फर्जी क्लेम नहीं किया है, तो चिंता की कोई बात नहीं। आपका रिफंड आएगा – बस थोड़ा धैर्य रखें।
लेकिन हां, नियमित रूप से अपना स्टेटस चेक करते रहें, बैंक डिटेल्स वेरिफाई करें, और अगर 90 दिन से ज्यादा हो जाएं तो ग्रीवेंस फाइल करने में देरी न करें।
याद रखें – ITR की प्रोसेसिंग का समय आपकी इनकम और डिडक्शन्स की जटिलता पर निर्भर करता है। जितने ज्यादा डिडक्शन्स, उतना ज्यादा वेरिफिकेशन, उतना ज्यादा समय।
अगली बार ITR फाइल करते समय ध्यान रखें :
- सभी डिटेल्स सही भरें
- 30 दिन में ई-वेरिफाई जरूर करें
- बैंक डिटेल्स अपडेट रखें
- Form 26AS से सब मिला लें
- केवल जेन्युइन डिडक्शन्स ही क्लेम करें
- सब कुछ सही होगा तो रिफंड भी समय पर आएगा!