झारखंड सरकार ने हाल ही में शिक्षा के क्षेत्र में बहुत बड़ा कदम उठाया है। राज्य के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के विकास के लिए उसने करीब 200 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की है। यह राशि नए डिग्री कॉलेजों के निर्माण और पुराने कॉलेजों के सुधार कार्यों में लगाई जाएगी। इस खबर को ऐसी भाषा में समझते हैं जैसे कोई आम इंसान अपनी रोज़मर्रा की भाषा में बता रहा हो।
झारखंड सरकार का शिक्षा क्षेत्र में बड़ा निवेश : –
झारखंड में शिक्षा को बेहतर बनाना सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए 2025 में 200 करोड़ रुपये की राशि विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के विकास के लिए स्वीकृत की गई। यह पैसा खास तौर पर नए कॉलेज बनाने, पुराने कॉलेजों की बिल्डिंग की मरम्मत और छात्रावास जैसी सुविधाओं को बनाने में खर्च होगा। इससे वहाँ के छात्रों को बेहतर शिक्षा के अवसर मिलेंगे और वे बिना किसी दिक्कत के पढ़ाई कर पाएंगे।
यह 200 करोड़ रुपये कहाँ-कहाँ खर्च होंगे ? : –
सरकार ने इस राशि को कई जिलों और कॉलेजों को बांटा है। कुछ प्रमुख जगहें जहाँ इस धनराशि का प्रयोग होगा, वे हैं : –
- गढ़वा के मेराल में नए डिग्री कॉलेज के भवन निर्माण के लिए 15 करोड़
- जामताड़ा के नाला में कॉलेज बनाना, जिसके लिए लगभग 15.76 करोड़ रुपये
- पश्चिमी सिंहभूम के मनोहरपुर में नये कॉलेज के लिए करीब 9.99 करोड़
- रांची के सिल्ली में डिग्री कॉलेज के लिए 25 करोड़
- गोड्डा के ठाकुरगंगटी में कॉलेज के निर्माण के लिए 39.21 करोड़
- गिरिडीह के बगोदर इलाके में कॉलेज हेतु 1.04 करोड़
- खूंटी जिले में महिलाओं के लिए नया डिग्री कॉलेज बनाने के लिए भारी रकम, 58 करोड़ रुपये
- चतरा महिला कॉलेज में छात्रावास के लिए 9.98 करोड़ और सीबी कॉलेज, बेड़ो में पुरानी बिल्डिंग के जीर्णोद्धार के लिए 4.10 करोड़
- इसके साथ ही रांची के जेएन कॉलेज और पलामू के जीएल कॉलेज में विद्युत सुविधा के लिए भी बजट आवंटित हुआ है।
नए मेडिकल कॉलेज और विश्वविद्यालय की भी योजना : –
सिर्फ कॉलेज बनाने तक ही सरकार नहीं रुकी। राज्य में नये मेडिकल कॉलेज और तकनीकी विश्वविद्यालय बनाने की भी योजना है। इसके तहत खूंटी, जमशेदपुर, धनबाद, गिरिडीह, देवघर, जामताड़ा जैसे जिलों में मेडिकल कॉलेज बनाए जाएंगे। यह राज्य के स्वास्थ्य सेवा स्तर को भी ऊपर उठाएगा और युवाओं को मेडिकल क्षेत्र में रोजगार के अवसर देगा।
साथ ही, रांची में एक नया “स्कूल ऑफ बिज़नेस एंड मास कम्युनिकेशन” जैसी विश्वविद्यालय भी स्थापित किया जाएगा, जिससे छात्रों को बेहतर और आधुनिक शिक्षा मिलेगी।
आम जनता को इसका फायदा कैसे होगा ? : –
इस बड़े निवेश का सीधा लाभ राज्य के युवा और छात्र कह सकते हैं। उन्हें बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, जिससे वे पढ़ाई में ज्यादा ध्यान दे पाएंगे। पकड़ा जाए, तो छात्रावास की मौजूदगी दूरदराज के इलाकों के बाल-बच्चों के लिए नई उम्मीद लेकर आएगी। महिला शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए खासतौर पर महिलाओं के कॉलेज बनाए गए हैं, जो समाज की प्रगति के लिए अच्छा संकेत है।
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सरकार की शिक्षा पर जोर : –
झारखंड सरकार ने शिक्षा को विकास की रीढ़ माना है। इसलिए उसने 2025-26 के बजट में प्राथमिक, माध्यमिक, उच्च और तकनीकी शिक्षा समेत स्वास्थ्य और रोजगार के लिए भी भारी बजट दिया है। प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा के लिए भी भारी धनराशि (करीब 15,198 करोड़) आवंटित की गई है और उच्च शिक्षा के लिए 2,409 करोड़ रुपये तय किए गए हैं।
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क्या कहा नेताओं ने ? : –
झारखंड के वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने कहा कि राज्य शिक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य, रोजगार और तकनीकी विकास पर ध्यान दे रहा है। शिक्षा से जुड़े यह कदम युवाओं को रोजगार पाने और भविष्य संवारने में मदद करेंगे। झारखंड राज्य विश्वविद्यालय विधेयक 2025 को भी कैबिनेट से मंजूरी मिली है, जिससे उच्च शिक्षा प्रणाली और भी मजबूत बनेगी।
देखा जाए तो यह 200 करोड़ रुपये का निवेश झारखंड के शिक्षा सेक्टर में एक नई ऊर्जा लेकर आया है। यह आम जनता के लिए खुशखबरी है कि अब उनके बच्चे बेहतर स्कूल-कॉलेज में पढ़ पाएंगे, आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी और राज्य का शिक्षा स्तर सुधरेगा। यह कोई आसान काम नहीं, लेकिन सरकार की योजना और फंडिंग ने इस दिशा में मजबूत कदम बढ़ाए हैं।
इससे यह भी साफ होता है कि प्रधानमंत्री और राज्य सरकार शिक्षा को कितना महत्व दे रहे हैं और इसे आम आदमी के जीवन में कैसे लागू करना चाहते हैं। झारखंड का यह कदम न सिर्फ राज्य के लिए बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा स्रोत है।