झारखंड में मजदूरों के लिए एक बड़ी खबर आई है। हेमंत सरकार ने न्यूनतम मजदूरी में 7.25% का महंगाई भत्ता (VDA) बढ़ाने का फैसला लिया है। यह नवीनतम वृद्धि 1 अप्रैल 2025 से प्रभावी होगी। इस फैसले से राज्य के लाखों मजदूरों की आर्थिक स्थिति बेहतर होगी। इस ब्लॉग में रोज़मर्रा की भाषा में बताया गया है कि यह बढ़ोतरी किस तरह काम करेगी, इससे मजदूरों को क्या फायदा होगा, और पूरा माहौल कैसा रहेगा।
झारखंड में हेमंत सरकार का बड़ा फैसला: प्रति दिन मजदूरी में 7.25% VDA वृद्धि : –
मजदूरी का मतलब और VDA क्या होता है ? : –
सबसे पहले समझते हैं कि न्यूनतम मजदूरी होती क्या है। मजदूरी वह न्यूनतम रकम होती है जो कोई भी मजदूर काम करने के बदले पाता है। VDA यानी वोलैटाइल डियर अलाउंस यानी महंगाई भत्ता होता है, जो महंगाई की दर के अनुसार मजदूरी में बढ़त करता है ताकि रोज के खर्च की तुलना में मजदूर की आय भी बढ़े।
7.25% बढ़ा VDA, मतलब कितना बढ़ गया मजदूरी ? : –
सरकार ने इस बार 7.25% की बढ़ोतरी की है, जो अप्रैल 2025 से लागू होगी। इसका मतलब है कि अब जो मजदूरी मजदूरों को मिलती है उसमें महंगाई के हिसाब से यह बढ़ोतरी जुड़ जाएगी।
झारखंड के विभिन्न इलाकों और कौशल स्तर के हिसाब से जो नई मजदूरी दरें होंगी, वे कुछ इस प्रकार हैं :
दैनिक न्यूनतम मजदूरी दरें (लगभग)
- अकुशल मजदूर: 434 रूपए से 501 रूपए तक
- अर्धकुशल मजदूर: 456 रूपए से 525 रूपए तक
- कुशल मजदूर: 601 रूपए से 692 रूपए तक
- अति कुशल मजदूर: 693 रूपए से 798 रूपए तक
- मासिक न्यूनतम मजदूरी (लगभग)अकुशल: 11,050 रूपए से 13,020 रूपए तक
- अर्धकुशल: 11,596 रूपए से 13,660 रूपए तक
- कुशल: 15,288 रूपए से 18,000 रूपए तक
- अति कुशल: 17,628 रूपए से 20,754 रूपए तक

यह बढ़ोतरी किस इलाके और कौन-कौन मजदूरों के लिए होगी ? : –
झारखंड में तीन क्षेत्र बनाए गए हैं—एरिया A, B और C, जिनके मुताबिक मजदूरी दरें थोड़ी अलग-अलग होती हैं। एरिया A में रांची, धनबाद, जमशेदपुर जैसे बड़े शहर आते हैं जहां मजदूरी थोड़ी ज्यादा होती है। एरिया C में ग्रामीण और छोटे इलाके आते हैं जहां मजदूरी कम होती है।
यह बदलाव राज्य के सभी औद्योगिक, निर्माण और सेवा क्षेत्रों में काम करने वाले ठेका मजदूरों और नियमित मजदूरों दोनों पर लागू होगा।
मजदूरों को क्या फायदा होगा ? : –
लगभग 7.25% VDA बढ़ने से मजदूरों को रोज़ाना और मासिक तौर पर ज्यादा पैसे मिलेंगे। महंगाई के इस दौर में इससे उनका खर्चा चलाने में मदद मिलेगी, जैसे कि खाना-पीना, बच्चों की पढ़ाई, इलाज और घर का खर्च। ये बढ़ोतरी उनको बेहतर जिंदगी जीने का मौका देती है।
सरकार का मकसद और समझदारी : –
झारखंड सरकार ने माना है कि मजदूरों का भला तभी होगा जब उनकी मजदूरी महंगाई के अनुसार बढ़ेगी। जब मजदूर संतुष्ट और खुश रहेंगे, तब काम में भी अच्छे परिणाम आएंगे और आर्थिक विकास होगा। श्रम विभाग ने इस बढ़ोतरी का नोटिफिकेशन जारी कर इसे कानूनी मान्यता दी है।
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आम आदमी की नजर से समझें तो : –
आम आदमी के रूप में सोचिए कि अगर आपको हर साल महंगाई के हिसाब से थोड़े-थोड़े पैसे बढ़ा दिए जाएं, तो आप भी आसानी से अपने घर के खर्चे चला पाएंगे। इसी मज़दूरों के लिए यह बढ़ोतरी है, जो रोज अपने परिवार की जिम्मेदारियां निभाते हैं। इससे न केवल उनकी आय बढ़ेगी बल्कि उनका आत्मसम्मान भी।
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लेकर जाएंगी यह बढ़ोतरी और जिम्मेदारियां : –
काम देने वाले यानी मालिकों को अब यह सुनिश्चित करना होगा कि मजदूरों को नई तयशुदा मजदूरी मिल रही है। इसके लिए उन्हें रिकॉर्ड सही रखने होंगे, नोटिस बोर्ड पर वृद्धि की सूचना देनी होगी और कानून का पालन करना होगा। यदि ऐसा नहीं किया गया तो सरकार कड़ी कार्रवाई कर सकती है।