भारत की प्रसिद्ध शिक्षा कंपनी BYJU’S की मुश्किलें दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही हैं। कंपनी वर्तमान में दिवालियापन (इंसॉल्वेंसी) प्रक्रिया में है और इसी बीच, एक बड़ा धमाका हुआ है। देसी शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र की बड़ी कंपनी, मणिपाल एजुकेशन एंड मेडिकल ग्रुप (MEMG), ने BYJU’S के मातृ कंपनी Think & Learn Pvt Ltd. को खरीदने में रुचि जताई है। इस ब्लॉग में एक आम आदमी की भाषा में समझेंगे कि यह डील क्यों चर्चा में है, क्या इसका असली मतलब है, और कैसे यह भारतीय एजुकेशन टेक क्षेत्र की तस्वीर बदल सकती है।
BYJU’S की हालत कैसी है ? : –
एक समय BYJU’S भारत की सबसे बड़ी एजुकेशन टेक कंपनी थी, जिसकी वैल्यू करीब 22 बिलियन डॉलर तक पहुंची थी। कोविड महामारी में ऑनलाइन एजुकेशन की मांग से कंपनी तेजी से बढ़ी। लेकिन पिछले कुछ साल में प्रबंधन की गलतियां, भारी कर्ज का बोझ, और वित्तीय झटकों के कारण BYJU’S को भारी नुकसान उठाना पड़ा। इसकी वजह से इसकी मार्केट वैल्यू में लगभग 75% की गिरावट आई और कंपनी दिवालिया स्थिति की ओर बढ़ने लगी।
मणिपाल ग्रुप किस तरह है इस डील में ? : –
मणिपाल एजुकेशन एंड मेडिकल ग्रुप, जो कि शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा में भारत की एक मजबूत कंपनी है, ने BYJU’S के पैरेंट कंपनी Think & Learn के लिए आधिकारिक रूप से दिलचस्पी जताई है। यह दिलचस्पी सोमवार 4 नवंबर 2025 को की गई और मणिपाल समूह ने एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EOI) जमा किया है। मणिपाल विशेष रूप से BYJU’S के प्रमुख संसाधन, जैसे कि उनके पास 25% हिस्सेदारी वाला आकाश एजुकेशनल सर्विसेज (AESL) में स्टेक पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
इस डील का मतलब क्या है ? : –
आसान भाषा में कहें तो, मणिपाल ग्रुप BYJU’S को पूरी तरह से खरीदना चाहता है या कम से कम उसके मुख्य और अहम हिस्सों को अपने कब्जे में लेना चाहता है। यह कदम BYJU’S की दिवालियापन प्रक्रिया का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य नुकसान में डूबी कंपनी को फिर से संवारना है। मणिपाल, जो पहले से ही आकाश एजुकेशनल सर्विसेज में बड़ा निवेशक है, BYJU’S के हिस्सेदारी को और बढ़ाकर शिक्षा के क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहता है।
BYJU’S के लिए क्या है यह मौका ? : –
BYJU’S के लिए यह एक तरह का नया सवेरा हो सकता है। वैसे तो कंपनी के सामने कर्ज और नकदी की कमी जैसी बड़ी समस्याएं हैं, लेकिन मणिपाल समूह जैसा बड़ा और अनुभवी खिलाड़ी इसके दोबारा मजबूती से उभरने में मदद कर सकता है। मणिपाल की ऑफलाइन और मेडिकल एजुकेशन में पकड़ रहे इसे एक अवसर माना जा रहा है, जिससे BYJU’S ऑनलाइन शिक्षा तकनीक और कंटेंट को मिलेगा, वहीं मणिपाल को डिजिटलीकरण में मदद।
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आम आदमी की नजर से देखें तो ? : –
अगर देखा जाए तो यह डील सिर्फ एक बड़ी कंपनी का दूसरा कंपनी को खरीदना नहीं है, बल्कि यह भारतीय शिक्षा के भविष्य का मुद्दा भी है। कोरोना काल में शिक्षा का तरीका कितना बदला, यह BYJU’S के तेजी से बढ़ने से साफ दिखता है। अब जब BYJU’S घाटे में है, तो मणिपाल जैसी मजबूत कंपनी के निवेश और नेतृत्व से न सिर्फ शिक्षा के नए आयाम खुल सकते हैं बल्कि युवाओं को भी बेहतर और भरोसेमंद शिक्षा मिल सकती है।
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एजुकेशन टेक सेक्टर में बड़ा बदलाव : –
BYJU’S जैसी बड़ी खानदानी एजुकेशन टेक कंपनी की दिवालियापन प्रक्रिया और मणिपाल जैसी पारंपरिक शिक्षा संस्थान की भागीदारी यह संकेत है कि भारतीय एजुकेशन सेक्टर में टेक्नोलॉजी और परंपरा का संगम होगा। यह मर्जर और अधिग्रहण की एक नई लहर है, जिससे प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और शिक्षा की गुणवत्ता पर भी असर पड़ेगा।
