पूर्व दिल्ली क्रिकेटर मिथुन मन्हास का नाम इस समय भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के अध्यक्ष पद के लिए सबसे आगे चल रहा है। 28 सितंबर 2025 को मुंबई में होने वाली बीसीसीआई की वार्षिक आम सभा में मिथुन मन्हास निर्विरोध अध्यक्ष चुने जा सकते हैं, क्योंकि उनके सामने फिलहाल किसी दूसरे उम्मीदवार की चुनौती नहीं है।
मिथुन मन्हास : क्रिकेटिंग सफर

मिथुन मन्हास दिल्ली के पूर्व क्रिकेटर और कप्तान रह चुके हैं। उनका घरेलू क्रिकेट करियर काफी लंबा और शानदार रहा है। मन्हास ने 1997-98 से 2016-17 तक कुल 157 प्रथम श्रेणी (फर्स्ट क्लास) मैच खेले हैं और 45.82 की औसत से 9714 रन बनाए हैं। उन्होंने 27 शतक और 49 अर्धशतक लगाए, जो भारतीय घरेलू क्रिकेट में एक शानदार रिकॉर्ड है। लिस्ट-ए क्रिकेट में 130 मैचों में 4126 रन और टी20 में 91 मैचों में 1170 रन हैं।
मन्हास दिल्ली की रणजी टीम के सबसे सफल कप्तानों में गिने जाते हैं। उनकी कप्तानी में दिल्ली ने 2007-08 सीजन में रणजी ट्रॉफी का खिताब जीता था। आईपीएल में उन्होंने दिल्ली डेयरडेविल्स, पुणे वॉरियर्स और चेन्नई सुपर किंग्स जैसे फ्रेंचाइजी के लिए भी खेला है।
प्रशासनिक अनुभव
मिथुन मन्हास जम्मू और कश्मीर क्रिकेट संघ (JKCA) में क्रिकेट निदेशक के रूप में भी सेवा दे चुके हैं। कोचिंग में भी उन्हें काफी अनुभव है। वे आईपीएल में किंग्स इलेवन पंजाब, रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर और गुजरात टाइटन्स जैसे टीमों के सहायक कोच रह चुके हैं और बांग्लादेश अंडर-19 टीम के साथ बल्लेबाजी सलाहकार भी रहे हैं।
बीसीसीआई अध्यक्ष पद की रेस में कैसे आए
रोजर बिन्नी के 70 वर्ष की अनिवार्य सेवानिवृत्ति के बाद बीसीसीआई अध्यक्ष पद खाली था। बीसीसीआई के शीर्ष अधिकारियों की बैठक में यह सहमति बनी कि इस बार युवा और अनुभवी क्रिकेटर को मौका दिया जाए। मन्हास के नाम पर दिल्ली में हुई अनौपचारिक बैठक के बाद सर्वसम्मति से सहमति बनी, जिसके बाद उन्होंने 21 सितंबर तक अध्यक्ष पद के लिये नामांकन दाखिल किया।
राजीव शुक्ला उपाध्यक्ष, देवजीत सैकिया सचिव और अरुण धूमल आईपीएल चेयरमैन पद पर बने रहेंगे। कोषाध्यक्ष के पद के लिये रघुराम भट्ट आगे हैं।
मोहम्मद नबी ने साबित किया कि उम्र केवल एक नंबर है।”
मिथुन मन्हास की खासियत
बीसीसीआई के पहले ऐसे अध्यक्ष बन सकते हैं जिन्होंने कभी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के लिए मैच नहीं खेला, लेकिन घरेलू स्तर पर उनका योगदान असाधारण रहा है।
प्रशासक के तौर पर उनकी छवि कट्टर, ईमानदार और व्यवस्थित मानी जाती है।
युवा क्रिकेटरों में खासा लोकप्रिय, टीम निर्माण में आधुनिक विचारधारा के समर्थक हैं।
भारतीय क्रिकेट पर संभावित प्रभाव
मिथुन मन्हास के अध्यक्ष बनने से बीसीसीआई को एक अनुभवी घरेलू क्रिकेटर मिलने जा रहा है, जो भारतीय क्रिकेट सिस्टम की जड़ों और ग्राउंड रियलिटी को बेहतर समझता है। उनसे उम्मीद है कि वे युवा खिलाड़ियों, महिला क्रिकेट और घरेलू टूर्नामेंट्स में गुणवत्तापूर्ण सुधार ला सकते हैं।
मिथुन मन्हास का बीसीसीआई अध्यक्ष बनना भारतीय क्रिकेट के लिए अहम मोड़ साबित हो सकता है। घरेलू और ग्रासरुट क्रिकेट से मिले अनुभव के बूते वे क्रिकेट प्रशासन में भी नई उम्मीदें और ताजगी लाने का सामर्थ्य रखते हैं। 28 सितंबर को उनकी ताजपोशी लगभग तय मानी जा रही है, जिससे क्रिकेट प्रेमियों में भी उत्साह है।
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