जब बात आती है भारत के सबसे अमीर लोगों की, तो नाम सबसे पहले मुकेश अंबानी का आता है। साल 2025 में एक बार फिर मुकेश अंबानी ने गौतम अदाणी को पीछे छोड़कर भारत के सबसे अमीर व्यक्ति बनने का गौरव हासिल किया है। यह खबर जैसे आम आदमी की ज़ुबान पर खूब छाई हुई है, क्योंकि यह सिर्फ एक आंकड़ा नहीं, बल्कि एक कहानी है रिश्तों, मेहनत, और विज़न की।
मुकेश अंबानी, जो रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन हैं, उनकी कुल संपत्ति इस साल करीब 9.55 लाख करोड़ रुपये यानी लगभग 105 अरब डॉलर पहुंच गई है। इतनी बड़ी दौलत के साथ उन्होंने एक बार फिर सबसे ऊपर का ताज पहन लिया है। वहीं गौतम अदाणी और उनका परिवार, जिनका कारोबार भी कई सेक्टरों में फैला हुआ है, लगभग 8.15 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ दूसरे नंबर पर हैं।
अगर इसे एक आम भाषा में समझें, तो इतना पैसा, इतना कारोबार ऐसे किसी सपने जैसा है जिसकी कहानी संघर्ष, सही फैसलों और समय के साथ तालमेल बैठाने की होती है। मुकेश अंबानी ने धंधे को सिर्फ तेल-गैस या ट्रेड तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उन्होंने टेक्नोलॉजी और रिटेल के क्षेत्र में भी जमकर धमाल मचाया। उनकी टेलीकॉम कंपनी जियो ने भारत में इंटरनेट की पहुँच को कई गुना बढ़ा दिया और लाखों युवाओं को डिजिटल दुनिया से जोड़ा।
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मुकेश अंबानी की कहानी में एक खास बात यह भी है कि उन्होंने न केवल अपने कारोबार को बढ़ाया, बल्कि उन्होंने नई टेक्नोलॉजी में भी निवेश किया है। Reliance Intelligence के माध्यम से वे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में भी कदम बढ़ा रहे हैं, जो आने वाले समय की सबसे बड़ी टेक्नोलॉजी मानी जा रही है।
इस साल की बात करें तो देश के 100 सबसे अमीर लोगों की संपत्ति कुल मिलाकर गिरावट में थी, लगभग 9% की कमी के साथ 1 ट्रिलियन डॉलर पर आ गई। इसका कारण रुपया कमजोर होना और शेयर बाजार में गिरावट जैसी आर्थिक परिस्थितियाँ रही। बावजूद इसके, मुकेश अंबानी ने शिकंजा कसकर सबसे ऊपर जगह बनाई रखी है।
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आम आदमी की नजर से देखें तो ये सब बातें थोड़ा अलग सी लगती हैं। हम रोज़मर्रा की जिंदगी जीते हैं, और इतने अरबों की दौलत, इतनी बड़ी कंपनियाँ हमें शायद दूर की दुनिया सी लगती हैं। लेकिन मुकेश अंबानी जैसे लोग यही दिखाते हैं कि अगर लगन और दूरदर्शिता हो तो भारत जैसे देश में भी बड़े सपने साकार हो सकते हैं। उनकी सफलता से यह संदेश मिलता है कि निरंतर मेहनत, सही सोच और समय के साथ बदलाव को अपनाना कितना जरूरी है।
इतना बड़ा कारोबार और इतनी संपत्ति हासिल करना आसान नहीं होता। इसके पीछे कई मुश्किलें होती हैं, बाजार की उथल-पुथल, वैश्विक आर्थिक हालात, सरकार की नीतियाँ, और घरेलू चुनौतियाँ। लेकिन मुकेश अंबानी ने हर बार इन चुनौतियों को पार करते हुए, अपने कारोबार को नई ऊँचाइयों पर पहुंचाया है।
इस बार की रिपोर्ट में यह भी इतिहास बन गया है कि पहली बार भारत की महिला अरबपति रोशनी नादर मल्होत्रा ने शीर्ष तीन में जगह बनाई है, जो दर्शाता है कि भारत में अब महिलाओं का भी कारोबार में बड़ा स्थान बनने लगा है।तो, मुकेश अंबानी की यह वापसी भारत के आर्थिक परिदृश्य में एक बड़ी घटना है। यह साबित करता है कि वे न केवल अपने व्यक्तित्व और व्यवसाय के जरिए भारत के सबसे बड़े कारोबारी हैं, बल्कि उनके फैसले और विजन देश की आर्थिक दिशा निर्धारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
इस कहानी से हमें यह सीखने को मिलता है कि कोई भी मुकाम आसानी से नहीं मिलता। संघर्ष, धैर्य, और सही अवसर पर सही निर्णय सफलता की चाबी होते हैं। मुकेश अंबानी की संपत्ति चाहे करोड़ों में हो, लेकिन उनकी कहानी लाखों लोगों के लिए प्रेरणा बनती है कि मेहनत और हिम्मत से कोई भी ऊँचाई छुई जा सकती है।
