Nvidia के CEO जेन्सन हुआंग ने महीनों में बेचे 100 करोड़ डॉलर से ज्यादा के शेयर – क्या आपको चिंता करनी चाहिए ?
लेदर जैकेट वाले बिलियनेयर की बड़ी चाल : –
दोस्तों, आज हम बात करने जा रहे हैं टेक दुनिया के उस शख्स की जो अपनी काली लेदर जैकेट के लिए उतना ही मशहूर है जितना कि अपनी कंपनी के लिए। जी हां, हम बात कर रहे हैं Nvidia के CEO जेन्सन हुआंग की। अगर आप टेक्नोलॉजी या शेयर बाजार में थोड़ी भी दिलचस्पी रखते हैं, तो ये नाम आपने जरूर सुना होगा।
हाल ही में जो खबर आई है, वो काफी दिलचस्प है। हुआंग ने जून से लेकर अब तक 100 करोड़ डॉलर (लगभग 8,400 करोड़ रुपये) से ज्यादा के अपनी ही कंपनी के शेयर बेच डाले हैं। हां भाई, आपने सही पढ़ा – एक अरब डॉलर से ज्यादा! अब सवाल ये है कि जब कंपनी का मालिक खुद अपने शेयर बेच रहा है, तो क्या हम आम निवेशकों को घबराना चाहिए?
चलिए इस पूरे मामले को आसान भाषा में समझते हैं।
Nvidia है क्या और इतनी बड़ी कैसे बन गई ? : –
पहले जरा बैकग्राउंड समझ लेते हैं। Nvidia एक चिप बनाने वाली कंपनी है जो ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट (GPU) बनाती है। पहले ये चिप्स सिर्फ गेमिंग और ग्राफिक्स के लिए इस्तेमाल होती थीं, लेकिन फिर आया AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) का जमाना।
और जब ChatGPT जैसी चीज़ें सामने आईं, तो पता चला कि AI को चलाने के लिए Nvidia के GPU सबसे बेस्ट हैं।
नतीजा ? : –
पिछले दो-तीन सालों में Nvidia का शेयर आसमान छूने लगा। कंपनी जो पहले 100-200 बिलियन डॉलर की थी, वो अब 5 ट्रिलियन डॉलर की हो गई है- यानी दुनिया की सबसे कीमती कंपनियों में से एक!
जेन्सन हुआंग, जिन्होंने 1993 में Nvidia शुरू की थी, पांच साल पहले 3.73 बिलियन डॉलर के थे, और अब उनकी नेटवर्थ 92 बिलियन डॉलर से ज्यादा है। ये तरक्की इतनी तेज़ हुई कि मार्क जकरबर्ग ने उन्हें “टेक्नोलॉजी की टेलर स्विफ्ट” तक कह दिया!
कितने शेयर बेचे और कब ? : –
अब आते हैं असली मुद्दे पर। जून 2024 में हुआंग ने 13 लाख शेयर बेचे जिनकी कीमत 169 मिलियन डॉलर (लगभग 1,400 करोड़ रुपये) थी। लेकिन बात यहीं नहीं रुकी। जुलाई में उन्होंने और 4.8 लाख शेयर बेचे जिनकी कीमत 60 मिलियन डॉलर से ज्यादा थी।
और फिर मार्च में उन्होंने एक ट्रेडिंग प्लान बनाया था जिसके तहत वो 60 लाख शेयर तक बेच सकते थे। अगस्त-सितंबर में भी बिक्री जारी रही और सितंबर तक उन्होंने अपने प्लान के तहत पूरे 60 लाख शेयर बेच दिए। यानी वो प्लान जो मार्च 2025 तक चलना था, वो सितंबर 2024 में ही पूरा हो गया!
अक्टूबर के आखिर तक जब आखिरी बिक्री हुई, तो कुल मिलाकर 1 बिलियन डॉलर से ज्यादा के शेयर बिक गए। वो भी तब जब शेयर की कीमत जून के मुकाबले 40% बढ़ गई थी!
ये Rule 10b5-1 प्लान क्या है ? : –
अब आप सोच रहे होंगे कि क्या कंपनी का CEO ऐसे ही अपने शेयर बेच सकता है? नहीं भाई, इसके लिए कुछ नियम होते हैं। हुआंग ने 14 मार्च को Rule 10b5-1 प्रोग्राम अपनाया था, और तीन महीने बाद 13 जून से बिक्री शुरू हुई ।
ये Rule 10b5-1 क्या है? सीधी भाषा में समझें तो ये एक ऐसा प्लान है जहां:
- पहले से तय कर दिया जाता है कि कितने शेयर बेचने हैं
- किस कीमत पर बेचने हैं
- कब बेचने हैं
- एक तीसरा व्यक्ति या ब्रोकरेज हाउस इसे एक्सीक्यूट करता है
- इससे फायदा ये है कि कंपनी के अंदरूनी लोग इनसाइडर ट्रेडिंग के आरोप से बच जाते हैं। यानी वो किसी गुप्त जानकारी का गलत फायदा नहीं उठा रहे।
क्या चिंता की बात है ? : –
अब सबसे बड़ा सवाल – क्या हमें परेशान होना चाहिए? हुआंग के पास जून की शुरुआत में 93.4 करोड़ शेयर (स्प्लिट के बाद) थे । 60 लाख शेयर बेचने के बाद भी उनके पास 75.4 करोड़ शेयर बचे हैं, और अलग-अलग ट्रस्ट और पार्टनरशिप के जरिये 78.6 करोड़ शेयर और हैं।
यानी पूरे प्लान को बेचने के बाद भी ये उनकी कुल होल्डिंग का 0.65% से भी कम है । ऐसा नहीं है कि वो कंपनी छोड़कर भाग रहे हैं!
फिर भी कुछ एक्सपर्ट्स को चिंता है। ValueEdge Advisors की वाइस चेयर नेल मिनो कहती हैं कि एक CEO से आप उम्मीद करते हैं कि वो अपनी कंपनी के भविष्य पर बुलिश हो । रोज़-रोज़ 1.4 करोड़ डॉलर के शेयर बेचना निवेशकों को गलत संदेश दे सकता है।
CEO इतने शेयर क्यों बेचते हैं ? : –
दोस्तों, ये समझना जरूरी है कि CEO भी इंसान हैं। उनकी भी अपनी जरूरतें होती हैं :
- शायद नया घर खरीदना हो
- बच्चों की पढ़ाई का खर्च
- रिटायरमेंट की तैयारी
- दूसरी जगह निवेश करना
- टैक्स चुकाना
हुआंग की सालाना सैलरी 9.96 लाख डॉलर है, स्टॉक अवॉर्ड 2.6 करोड़ डॉलर और अन्य इन्सेंटिव 40 लाख डॉलर – कुल मिलाकर लगभग 3.4 करोड़ डॉलर। लेकिन जब आपके पास 8-9 हजार करोड़ डॉलर के शेयर हों, तो थोड़े बेचना समझदारी भी हो सकती है।
Chicago के कंसल्टेंट जेम्स रीडा का कहना है कि अगर आप एक बार में बहुत सारे शेयर बाजार में डाल दें तो कीमत गिर सकती है, इसलिए धीरे-धीरे बेचना बेहतर रणनीति है।
Nvidia का भविष्य कैसा है ? : –
अब बात करते हैं कि Nvidia का आगे क्या? अच्छी खबर ये है कि हाल ही में हुआंग ने ऐलान किया कि कंपनी के पास 2026 तक के लिए 50 हजार करोड़ डॉलर के ऑर्डर हैं। ये Microsoft, Meta, Amazon, Google जैसी बड़ी कंपनियों से हैं जो AI के लिए GPU खरीद रही हैं।
Nvidia अब अमेरिकी सरकार के साथ भी काम कर रही है। Department of Energy के साथ मिलकर सात AI सुपरकंप्यूटर बनाए जा रहे हैं। तो डिमांड की कोई कमी नहीं दिख रही।
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जोखिम भी हैं : –
हालांकि सब कुछ गुलाबी भी नहीं है। कुछ चिंताएं हैं :
- पहली, Nvidia की 90% आमदनी अब डेटा सेंटर से आती है, यानी कंपनी AI पर बहुत ज्यादा निर्भर हो गई है। अगर AI का बुलबुला फूटा तो?
- दूसरी, कंपनी का वैल्यूएशन बहुत ज्यादा है – sales का 55 गुना। ये काफी महंगा है।
- तीसरी, प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है। AMD, Intel और दूसरी कंपनियां भी AI चिप्स बना रही हैं।
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आपको क्या करना चाहिए ? : –
तो दोस्तों, अगर आप Nvidia के निवेशक हैं तो घबराने की जरूरत नहीं है। हुआंग का शेयर बेचना सामान्य है और पहले से प्लान्ड था। वो अभी भी कंपनी के सबसे बड़े शेयरहोल्डर हैं और कंपनी का भविष्य मजबूत दिख रहा है।
लेकिन हां, अगर आपने Nvidia में बहुत ज्यादा निवेश कर रखा है, तो शायद कुछ प्रॉफिट बुक करना समझदारी हो सकती है। जैसे हुआंग ने किया, वैसे ही आप भी अपना पोर्टफोलियो बैलेंस कर सकते हैं। सारे अंडे एक टोकरी में रखना कभी अच्छा नहीं होता!
याद रखिए – शेयर बाजार में हमेशा उतना ही लगाएं जितना आप गंवाने का रिस्क ले सकें। और हां, अपनी खुद की रिसर्च जरूर करें।
AI का युग अभी शुरू हुआ है, और Nvidia इसमें अग्रणी है। लेकिन टेक्नोलॉजी की दुनिया में कुछ भी पक्का नहीं होता!
