रूस की तकनीकी रिपोर्ट : HAL के पास है 50% क्षमता SU-57 स्टील्थ फाइटर विमान बनाने की
हाल ही में रूस की एक तकनीकी टीम ने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) को रिपोर्ट सौंपी है, जिसमें कहा गया है कि HAL के पास पहले से ही लगभग 50 प्रतिशत क्षमता मौजूद है, जिससे भारत में पांचवीं पीढ़ी के Su-57 स्टील्थ फाइटर विमान का उत्पादन किया जा सकता है। यह रिपोर्ट भारत और रूस के बीच रक्षा सहयोग के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है और इससे भारत के रक्षा उद्योग को बड़ी ताकत मिलेगी।
HAL की मौजूदा क्षमता की जांच : –
रूसी टीम में सुखोई डिज़ाइन ब्यूरो और अन्य रक्षा विशेषज्ञ शामिल थे जिन्होंने सितंबर 2025 में HAL के अहम प्लांटों का दौरा करके उत्पादन क्षमता, तकनीकी तत्परता और मैन्युफैक्चरिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर का ऑडिट किया। उन्होंने नासिक में Su-30MKI के असेंबली प्लांट, कोरापुट में AL-31FP टर्बोफैन इंजन निर्माण इकाई और केरल के कासरगोड में स्ट्रैटेजिक इलेक्ट्रॉनिक्स फैक्ट्री का निरीक्षण किया। इन सुविधाओं को देखकर उन्होंने पाया कि HAL के पास Su-57 के घरेलू निर्माण के लिए आधार मजबूत है।
Su-57E का अर्थ और भारत के लिए महत्व : –
Su-57 का यह वेरिएंट Su-57E है, जो एक्सपोर्ट के लिए बनाया गया मॉडल है। इसे रूस की पांचवीं पीढ़ी का अत्याधुनिक मल्टीरोल स्टील्थ फायटर विमान माना जाता है। अगर भारत HAL के साथ मिलकर इस विमान का उत्पादन शुरू करता है, तो यह भारतीय वायु सेना की ताकत बढ़ाने के साथ-साथ देश के रक्षा उद्योग में आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा।
अगले कदम और निवेश की तैयारी : –
रिपोर्ट मिलने के बाद HAL ने घोषणा की है कि वह जल्द ही अपनी आंतरिक जांच रिपोर्ट तैयार कर रहा है, जिसमें इस परियोजना के लिए आवश्यक निवेश, नई तकनीकों, शोध और विकास, मानव संसाधन, और सप्लाई चेन के विस्तार का विवरण होगा। उम्मीद है कि यह रिपोर्ट नवंबर के अंत तक भारत के रक्षा मंत्रालय को सौंप दी जाएगी, जिसके बाद इस योजना को अंतिम रूप दिया जाएगा।

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राजनीतिक और रणनीतिक संदर्भ : –
यह विकास रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा से ठीक पहले हुआ है, जो दिसंबर 2025 के पहले हफ्ते में नई दिल्ली आने वाले हैं। यह यात्रा दोनों देशों के बीच रक्षा, तकनीकी और व्यापार सहयोग को और मजबूत करने वाले समझौतों का मंच हो सकती है। भारत को इस सौदे के जरिए चीन और पाकिस्तान जैसे पड़ोसी देशों के मुकाबले अपनी वायु सेना को और मजबूत करने का मौका मिलेगा।
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आम आदमी की नजर में क्या है खास ? : –
अगर सीधे तौर पर समझे तो HAL के पास पहले से ही Su-57 जैसे उन्नत लड़ाकू विमान बनाने की आधी से ज्यादा तैयारी है, मतलब भारत की स्वदेशी उत्पादन क्षमता बहुत बढ़ चुकी है। इससे एक तो भारत की सुरक्षा और ताकत बढ़ेगी, वहीं शस्त्र उद्योग में रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे। यह साफ संकेत है कि देश अब रक्षा मामलों में खुद पर निर्भर होने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है।