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तेजस्वी यादव की कुल संपत्ति: चुनाव आयोग के अनुसार कितनी है करोड़ों की दौलत?

तेजस्वी यादव की कुल संपत्ति: चुनाव आयोग के अनुसार कितनी है करोड़ों की दौलत?

तेजस्वी यादव की कुल संपत्ति: चुनाव आयोग के अनुसार कितनी है करोड़ों की दौलत?(image source - the hindu)

हिम्मतवाले तेजस्वी यादव की अकूत संपत्ति पर कहानी

तो भाई, बिहार चुनाव का माहौल हमेशा से ही गरम रहता है। हर किसी की नजर वोटों पर होती है, लेकिन थोड़ा ध्यान नेताओं की दौलत पर भी जाती है। लालू यादव के छोटे बेटे तेजस्वी यादव, जिनके किस्से बचपन से ही सुने हैं, अपनी मेहनत और राजनीति के दम पर आज बिहार के बड़े चेहरे बन गए हैं। इस बार उनके चुनावी हलफनामे की बात लेकर आया है।

चलो कहानी की शुरुआत करते हैं। हाल ही में तेजस्वी यादव ने 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर राघोपुर सीट से नामांकन दाखिल किया। हर नामांकन के साथ एक हलफनामा भी देना पड़ता है, जिसमें नेता अपनी सारी संपत्ति की जानकारी बताते हैं। ये हलफनामा चुनाव आयोग और ADR जैसे भरोसेमंद जगहों पर दर्ज होता है, जिससे जनता को असली आंकड़े मिलते हैं।

अगर दौलत की बात करें, तो तेजस्वी भाई साहब ने इस बार लगभग 8.1 करोड़ रुपए की संपत्ति घोषित की है। सुनकर थोड़ा हैरानी होगी, लेकिन यही सच है। इसमें से उनके पास 6.12 करोड़ की चल संपत्ति (यानि कैश, गाड़ी, गहने, बैंक अकाउंट वगैरह) और 1.88 करोड़ की अचल संपत्ति (घर, जमीन वगैरह) है। अब सोचिए, कितना बढ़िया बैलेंस है उनकी लाइफ में – चलते फिरते रुपए भी, और ठोस ज़मीन भी।

नाम चर्चा में उनके पास एक इटली मेड पिस्टल भी है, जिसकी कीमत पचास जिंदा कारतूस के साथ 1.05 लाख रुपए बताई गई है। बस, नेताजी का थोड़ा हटके शौक भी है।

तेजस्वी यादव के पास करीब 1.5 लाख रुपए नकद हैं, और उनकी पत्नी राजश्री यादव के पास 1 लाख रुपए नकद। पत्नी के नाम से भी 1.88 करोड़ की संपत्ति दर्ज है, जिसमें 59.69 लाख रुपए की अचल संपत्ति शामिल है।

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सुनने में आ रहा है कि तेजस्वी भाई के पास कई बैंक खाते भी हैं और उनपर 55.55 लाख रुपए की देनदारी है, जो भाई तेज प्रताप यादव और मां राबड़ी देवी के साथ लिए गए संयुक्त लोन का हिस्सा है। वैसे तो नेताजी के पास 200 ग्राम सोना है, और पत्नी के पास 480 ग्राम सोना व 2 किलो चांदी है – ये तो असली बिहारी फैमिली वाला सेटअप है।

सरकारी बकाया भी है उनके नाम पर, जिसका कुल योग 1.35 करोड़ रुपए है। पत्नी के नाम पर कोई सरकारी बकाया नहीं है।

आखिर ये सब क्यों जरूरी है?

भाई, चुनाव में ये हलफनामा इसलिए जरूरी होता है कि जनता को पता चले कि नेता की असली हालत क्या है। इससे पारदर्शिता रहती है और लोग जान पाते हैं कि उनका चुना हुआ प्रतिनिधि कितना ईमानदार है। तेजस्वी यादव की संपत्ति पिछले कुछ सालों में दोगुनी से भी ज़्यादा बढ़ी है – 2015 में उन्होंने करीब 2.32 करोड़ की संपत्ति घोषित की थी, जो अब बढ़कर लगभग 8.1 करोड़ हो गई है।

तेजस्वी यादव की कुल संपत्ति: चुनाव आयोग के अनुसार कितनी है करोड़ों की दौलत? (image source – ndtv)

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असली बात – आम आदमी की नजर में : –

आम आदमी की नजर में, नेताजी की संपत्ति बढ़ी है तो सवाल उठते हैं: “यार, नेता बनने से क्या सचमुच सब कुछ बदल जाता है?” जवाब खुद हलफनामे में छुपा है – मेहनत, राजनीति, परिवार की विरासत और वक्त सब मिलकर संपत्ति बना देते हैं। तेजस्वी यादव जैसे नेता के चुनाव आयोग और ADR के आंकड़ों से जनता को असलियत समझ आती है – कितना पैसा आया, कहां से आया, क्या देनदारियां हैं और उनके लाइफ के हालात कैसे हैं।

इस ब्लॉग को पढ़कर हर आम इंसान ये समझ सकता है कि चुनावी हलफनामा क्यों जरूरी है, और नेता की संपत्ति का राज क्या है। ये सब सरकारी और ADR रिपोर्ट के आधार पर है, यानी जो कहा है, वही असली सच है

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