भारत में ई-पासपोर्ट लॉन्च : कौन कर सकता है अप्लाई, कैसे करें आवेदन और कितनी है फीस
दोस्तों, अगर आप विदेश जाने की प्लानिंग कर रहे हैं या फिर अपना पासपोर्ट रिन्यू करवाना है, तो एक अच्छी खबर है। भारत सरकार ने अब ई-पासपोर्ट की सुविधा शुरू कर दी है। जी हां, अब आपका पासपोर्ट भी स्मार्ट हो गया है! आइए जानते हैं कि ये ई-पासपोर्ट क्या है, कौन अप्लाई कर सकता है, और इसकी पूरी प्रोसेस क्या है।
ई-पासपोर्ट क्या है और क्यों खास है ?
अब तक हम जो पासपोर्ट इस्तेमाल करते आए हैं, ई-पासपोर्ट उसी की अपग्रेडेड वर्जन है। इसमें एक छोटी सी इलेक्ट्रॉनिक चिप लगी होती है जो पासपोर्ट के कवर में ही छिपी रहती है। ये चिप आरएफआईडी टेक्नोलॉजी से काम करती है और इसमें आपकी सारी पर्सनल जानकारी और बायोमेट्रिक डेटा जैसे फिंगरप्रिंट और फोटो स्टोर रहता है।
सबसे बड़ी बात, ये चिप एनक्रिप्टेड होती है यानी कोई इसे कॉपी या टैम्पर नहीं कर सकता। इससे पासपोर्ट की सिक्योरिटी कई गुना बढ़ जाती है और फर्जीवाड़े की संभावना लगभग खत्म हो जाती है।
कब हुई शुरुआत और कहां मिल रहा है ?
ई-पासपोर्ट की शुरुआत पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर 1 अप्रैल 2024 को हुई थी। शुरुआत में ये सुविधा सिर्फ 12 शहरों में शुरू की गई थी – नागपुर, भुवनेश्वर, जम्मू, पणजी, शिमला, रायपुर, अमृतसर, जयपुर, चेन्नई, हैदराबाद, सूरत और रांची।
अच्छी बात ये है कि तमिलनाडु में 3 मार्च 2025 को ई-पासपोर्ट जारी करना शुरू हुआ और सिर्फ मार्च महीने में ही 20,700 से ज्यादा ई-पासपोर्ट बांटे गए। सरकार की प्लानिंग है कि 2025 के मध्य तक पूरे देश में ये सुविधा उपलब्ध हो जाएगी।
कौन अप्लाई कर सकता है ?
अच्छी बात ये है कि जो भी व्यक्ति नॉर्मल पासपोर्ट के लिए अप्लाई कर सकता है, वो ई-पासपोर्ट के लिए भी अप्लाई कर सकता है। यानी:
– 18 साल से ऊपर के सभी वयस्क नागरिक
– 18 साल से कम उम्र के बच्चे (माइनर्स)
– 60 साल से ऊपर के सीनियर सिटीजन
– नया पासपोर्ट चाहिए हो या रिन्यूअल करवाना हो – दोनों केस में अप्लाई कर सकते हैं
बस शर्त ये है कि आप भारतीय नागरिक होने चाहिए और आपके पास जरूरी डॉक्यूमेंट्स होने चाहिए।

कैसे करें अप्लाई ? स्टेप बाय स्टेप प्रोसेस
स्टेप 1: पासपोर्ट सेवा पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन
सबसे पहले passportindia.gov.in वेबसाइट पर जाएं। अगर पहली बार अप्लाई कर रहे हैं तो नया अकाउंट बनाएं, नहीं तो लॉगिन करें।
स्टेप 2: एप्लीकेशन फॉर्म भरें
लॉगिन करने के बाद “Apply for Fresh Passport” या “Re-issue of Passport” का ऑप्शन चुनें। फॉर्म में अपनी सभी पर्सनल डिटेल्स, एड्रेस प्रूफ और दूसरी जरूरी जानकारी सही-सही भरें।
स्टेप 3: फीस पेमेंट करें
फॉर्म भरने के बाद ऑनलाइन फीस पे करें। आप डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, इंटरनेट बैंकिंग या UPI से पेमेंट कर सकते हैं।
स्टेप 4: अपॉइंटमेंट बुक करें
अपने नजदीकी पासपोर्ट सेवा केंद्र (PSK) या रीजनल पासपोर्ट ऑफिस में अपॉइंटमेंट बुक करें।
स्टेप 5: PSK में जाएं
तय तारीख पर अपने सभी ओरिजिनल डॉक्यूमेंट्स लेकर PSK जाएं। वहां आपकी बायोमेट्रिक्स (फिंगरप्रिंट और फोटो) ली जाएंगी और डॉक्यूमेंट्स की वेरिफिकेशन होगी।

स्टेप 6: ट्रैकिंग और डिलीवरी
वेरिफिकेशन के बाद आप अपनी एप्लीकेशन का स्टेटस ऑनलाइन ट्रैक कर सकते हैं। सब कुछ क्लियर होने पर नाशिक की इंडिया सिक्योरिटी प्रेस में आपका ई-पासपोर्ट प्रिंट किया जाएगा और स्पीड पोस्ट से आपके एड्रेस पर भेज दिया जाएगा।
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ई-पासपोर्ट की फीस कितनी है ?
अब बात करते हैं सबसे जरूरी सवाल की – कितनी लगेगी जेब ढीली? अच्छी बात ये है कि ई-पासपोर्ट की फीस नॉर्मल पासपोर्ट जितनी ही है:
वयस्कों के लिए (18+ साल) :
– 36 पेज की बुकलेट: 1,500 रुपये
– 60 पेज की बुकलेट: 2,000 रुपये
बच्चों के लिए (18 साल से कम) :
– 36 पेज: 1,000 रुपये
– 60 पेज: 1,500 रुपये
तत्काल सेवा के लिए :
अगर जल्दी चाहिए तो तत्काल स्कीम है, लेकिन इसमें नॉर्मल फीस के अलावा 2,000 रुपये एक्स्ट्रा चार्ज लगता है।
खास छूट :
8 साल से कम उम्र के बच्चों और 60 साल से ऊपर के सीनियर सिटीजन को फ्रेश एप्लीकेशन पर 10% की छूट मिलती है।
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जरूरी डॉक्यूमेंट्स क्या चाहिए ?
– आधार कार्ड (पहचान के लिए)
– जन्म प्रमाण पत्र या 10वीं की मार्कशीट
– एड्रेस प्रूफ (बिजली बिल, राशन कार्ड, वोटर ID)
– पुराना पासपोर्ट (रिन्यूअल के केस में)
सभी डॉक्यूमेंट्स की ओरिजिनल और फोटोकॉपी दोनों साथ लेकर जाएं।
ई-पासपोर्ट के फायदे
तेज इमिग्रेशन : एयरपोर्ट पर लंबी कतारों से छुटकारा। ई-गेट्स से झट से निकल जाओ।
ज्यादा सुरक्षित : चिप एनक्रिप्टेड है तो फर्जीवाड़े की टेंशन खत्म।
ग्लोबल स्टैंडर्ड : दुनिया के 120 से ज्यादा देश ई-पासपोर्ट इस्तेमाल करते हैं। अब भारत भी उसी लिस्ट में शामिल हो गया।
वैलिडिटी : वयस्कों के लिए 10 साल और बच्चों के लिए 5 साल (या 18 साल की उम्र तक) की वैलिडिटी।
ई-पासपोर्ट भारत के डिजिटल इंडिया मिशन का एक अहम हिस्सा है। ये सिर्फ एक स्मार्ट डॉक्यूमेंट नहीं है, बल्कि हमारी ट्रैवल एक्सपीरियंस को आसान और सुरक्षित बनाने का जरिया है। अगर आप नया पासपोर्ट बनवा रहे हैं या रिन्यूअल करवा रहे हैं और आपका शहर पायलट प्रोजेक्ट में शामिल है, तो आपको ऑटोमेटिक ई-पासपोर्ट मिल जाएगा।
तो देर किस बात की? अगर परदेस जाने का प्लान है तो आज ही अप्लाई करें और भारत के स्मार्ट ट्रैवलर बनें!