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51 करोड़ मतदाताओं के लिए बड़ी प्रक्रिया: 12 राज्यों/संघशासित प्रदेशों में Special Intensive Revision (SIR) आज से

लोकतंत्र पर सवाल: DMK ने सुप्रीम कोर्ट में चुनाव आयोग के SIR आदेश को चुनौती दी

लोकतंत्र पर सवाल: DMK ने सुप्रीम कोर्ट में चुनाव आयोग के SIR आदेश को चुनौती दी(image source - the hindu )

देश में एक बड़ी प्रक्रिया शुरू हो रही है: Special Intensive Revision (SIR) — यानी मतदाता सूची का एक बहुत विस्तृत, घर-घर वाला पुनरीक्षण। शुरू होने की तारीख है 4 नवंबर 2025। और यह सिर्फ किसी एक राज्य में नहीं बल्कि 12 राज्यों और संघशासित प्रदेशों (UTs) में एक साथ चलने वाला है।
मुझे लगा कि यह सिर्फ एक सरकारी काम नहीं है, यह हमारे-आपके रोज-मर्रा के वोटर कार्ड, नाम, पता — सब कुछ बदल सकता है। तो चलिए, हम इसे आसान भाषा में समझते हैं।

यह क्या है — SIR का मतलब

“SIR” यानी Special Intensive Revision, एक ऐसा कदम है जो Election Commission of India (ECI) ले रही है ताकि मतदाता सूची सही, अप-टू-डेट और पूरी तरह वैध हो।

इस प्रक्रिया में शामिल है : – 

कब कहाँ और कैसे — इस बार की प्रक्रिया

 

मेरे इलाके में क्या होगा ? – घर-घर जाना

मान लीजिए आप पटना में या शहर के किसी हिस्से में रहते हैं — तो क्या होगा ?

क्यों इतनी जोर-शोर से? — इसका महत्व

 

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कुछ बातें जिनका ध्यान रखें

51 करोड़ मतदाताओं के लिए बड़ी प्रक्रिया: 12 राज्यों/संघशासित प्रदेशों में Special Intensive Revision (SIR) आज से ( image source – sabrang india )

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मेरे हिसाब से इससे क्या-क्या बदल सकता है ?

 

तो भाई-बहन, यह सिर्फ एक जानकारी नहीं बल्कि आपके वोट, आपकी हिस्सेदारी लोकतंत्र में की सीधी बात है। 4 नवंबर से शुरू हो रही यह SIR प्रक्रिया हमें याद दिलाती है कि “वोटर होने का मतलब सिर्फ नाम होने से नहीं, सही नाम होने से है”। यदि आप तैयार रहें — अपना नाम सही है, पता सही है, और जो बदलाव चाहिए वो कराएं — तो आने वाले चुनाव में आपका हिसा बेहतर तरीके से गिना जाएगा।

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