गगनयान मिशन 2025 में नहीं होगा लॉन्च: ISRO चीफ ने दी नई जानकारी
भारत के लिए गौरव की बात है कि उसका स्पेस प्रोग्राम हर दिन नई ऊंचाइयां छू रहा है। लेकिन हाल ही में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के अध्यक्ष डॉ. वी. नारायणन ने एक अहम जानकारी दी है कि भारत का पहला मानवयुक्त अंतरिक्ष मिशन ‘गगनयान’ 2025 में लॉन्च नहीं होगा। इस ब्लॉग में रोजमर्रा की भाषा में समझेंगे कि गगनयान मिशन में क्या देरी हो रही है, क्यों इस बार लॉन्च टला है, और अब हमें कब तक इंतजार करना होगा।
गगनयान मिशन क्या है ? : –
गगनयान भारत का पहला मानव अंतरिक्ष मिशन है, जिसमें भारतीय अंतरिक्ष यात्री या ‘व्योमनॉट’ को एक खास अंतरिक्ष यान के जरिए पृथ्वी की निचली कक्षा में भेजा जाएगा। इसका मकसद भारत को अमेरिका, रूस और चीन जैसे देशों के साथ मानवीय अंतरिक्ष उड़ान के क्षेत्र में खड़ा करना है। मिशन के तहत पहले तीन बिना मानवों के उड़ान परीक्षण होंगे, जिनमें पहला गगनयान G1 मिशन है।
ISRO चीफ की नई घोषणा : –
डॉ. वी. नारायणन ने खुलासा किया कि गगनयान मिशन का पहला बिना मानवों वाला उड़ान परीक्षण जो दिसंबर 2025 में होने वाला था, अब जनवरी 2026 या मार्च 2026 तक टल सकता है। इसका बड़ा कारण है सतीश धवन स्पेस सेंटर (श्रीहरिकोटा) पर लॉन्चिंग के लिए पेड की सीमित उपलब्धता और भारी काम का दबाव। अभी इसी पेड से दिसंबर 2025 में एक और मिशन LVM3-M6 लॉन्च होगा, जो एक अमेरिकी कंपनी के उपग्रह को लेकर जाएगा। दोनों मिशनों की एक ही महीने में लॉन्चिंग संभव नहीं है इसलिए गगनयान मिशन को कुछ समय के लिए पीछे खिसकाया गया है।
देरी की वजहें और ISRO की तैयारी : –
डॉ. नारायणन ने कहा कि अब तक 8000 से ज्यादा टेस्ट पूरे किए जा चुके हैं और गगनयान मिशन की चीजें अच्छी तरह से तैयार हो रही हैं। मिशन में इस्तेमाल होने वाला क्रू मॉड्यूल, सर्विस मॉड्यूल और क्रू एस्केप सिस्टम पूरी तरह से परखा जा चुका है। गगनयान G1 मिशन के बाद दो और बिना चालक के उड़ान परीक्षण होंगे जिन्हें लेकर कंपनी 2027 तक मानवयुक्त उड़ान करने की योजना बना रही है।
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आम आदमी की नजर से समझें : –
सोचिए कि कोई बड़ा और अहम काम आपके सामने है, जिसमें हर छोटा-छोटा काम ठीक से होना चाहिए ताकि सब सुरक्षित और सफल रहे। ISRO भी ऐसा ही कर रहा है। स्पेस सेंटर पर जितना भी काम है, वह सटीक और सावधानी से करना पड़ता है, खासकर जब बात मानव सुरक्षा की हो। इसलिए थोड़ा इंतजार करना बेहतर होता है ताकि मिशन बिलकुल सही तरीके से सफल हो। ये देरी इसलिए जरूरी है ताकि हम उस दिन सुरक्षित भारतीय अंतरिक्ष यात्री को भेज सकें और गर्व महसूस कर सकें।
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भविष्य की योजनाएं : –
गगनयान मिशन के बाद ISRO ने भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन (भारतिया अंतरिक्ष स्टेशन) को 2028 तक लॉन्च करने की योजना बनाई है, जो भारत को अंतरिक्ष में एक स्थायी उपस्थिति देगा। गगनयान मिशन की सफलता से देश के लिए नए दरवाजे खुलेंगे और अंतरिक्ष के क्षेत्र में भारत का मान बढ़ेगा।
