बर्फीली हवाओं से 24 घंटे में पारा 4°C लुढ़का, सिमडेगा समेत 10 जिलों में तापमान 10° से नीचे
अचानक आई ठंड ने बदल दी झारखंड की सुबह : –
दोस्तों, अभी कुछ दिन पहले तक तो झारखंड में लोग हल्के कपड़ों में घूम रहे थे, शाम को बाहर बैठकर चाय की चुस्कियां ली जा रही थीं। लेकिन अचानक मौसम ने ऐसा पलटा खाया कि लोगों को अपनी अलमारियों से स्वेटर और जैकेट निकालनी पड़ गई। झारखंड में पिछले 24 घंटों में कई जिलों का तापमान एक ही दिन में 4.5 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया, और यह ठंड सिर्फ शुरुआत है।
नवंबर महीने में जब लोग अभी पूरी तरह से सर्दियों के लिए तैयार नहीं थे, तभी हिमालय की तरफ से चल रही ठंडी हवाओं ने झारखंड में दस्तक दे दी। रांची में तो सुबह-शाम का मौसम इतना ठंडा हो गया कि लोगों ने अलाव जलाना शुरू कर दिया।
कौन से जिले हुए सबसे ज्यादा ठंडे ?
झारखंड के छह जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया। इनमें सबसे ठंडे जिले थे खूंटी और सिमडेगा। गुमला में मंगलवार की सुबह राज्य का सबसे कम तापमान 8.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो बताता है कि पश्चिमी झारखंड में सर्दी की मार सबसे ज्यादा है।
रांची की राजधानी में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि लोहरदगा में पारा 9 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। चतरा में 10.1 डिग्री और सिमडेगा में 10.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। खूंटी के ऑटोमेटेड वेदर स्टेशन ने 9.2 डिग्री सेल्सियस का तापमान दर्ज किया, जबकि हजारीबाग में 10.5 डिग्री सेल्सियस रहा।
जमशेदपुर में भी एक दिन में ही पारा तीन डिग्री सेल्सियस गिर गया, जिससे वहां के लोगों को भी अचानक सर्दी का एहसास हुआ।
IMD ने जारी किया येलो अलर्ट : –
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए झारखंड के सात जिलों गढ़वा, पलामू, चतरा, लातेहार, लोहरदगा, गुमला और सिमडेगा के लिए 15 नवंबर तक येलो कोल्ड वेव अलर्ट जारी किया। इन इलाकों में तापमान सामान्य से 2-3 डिग्री नीचे जा सकता है।
रांची में तापमान 10.7 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 3 डिग्री कम है, और जमशेदपुर में 12.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। IMD के रांची के उप निदेशक अभिषेक आनंद ने बताया कि यह अचानक गिरावट पश्चिमी विक्षोभ के कारण हुई है।
आखिर इतनी ठंड क्यों पड़ रही है ?
IMD के अनुसार, यह अचानक ठंड हिमालय क्षेत्र से आ रही बर्फीली हवाओं का नतीजा है, जो पहले राज्य के उत्तर-पश्चिमी जिलों को प्रभावित कर रही थीं। अब ये ठंडी हवाएं पूरे झारखंड में फैल गई हैं।
राज्य में ठंडी और तीखी उत्तर-पश्चिमी हवाओं की बहाली ने व्यापक ठंड का कारण बनी है। मौसम विभाग के मुताबिक, अभी कोई बड़ा मौसम तंत्र इस क्षेत्र को प्रभावित नहीं कर रहा है, इसलिए आसमान साफ है और रातें ज्यादा ठंडी हो रही हैं।
सीधी बात यह है कि जब आसमान साफ होता है, तो दिन की गर्मी रात में वापस अंतरिक्ष में चली जाती है। ऊपर से ठंडी हवाएं चल रही हैं, तो तापमान और भी तेजी से गिरता है।
गांवों में हालात और भी बुरे : –
शहरों में तो फिर भी लोग घरों में बंद हो जाते हैं, हीटर चला लेते हैं। लेकिन खूंटी और लोहरदगा जैसे जिलों के ग्रामीण इलाकों में हालात ज्यादा कठिन हैं, जहां कई ग्रामीण पारंपरिक तरीकों जैसे अलाव जलाकर ठंड से बचाव कर रहे हैं।
गुमला में न्यूनतम तापमान 8.5 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया, और वहां के किसान अपनी फसलों को लेकर चिंतित हैं। पाला पड़ने की आशंका से गेहूं, सरसों और आलू जैसी फसलों को नुकसान हो सकता है।
घने कोहरे ने भी मचाई मुसीबत : –
ठंड के साथ-साथ राज्य भर में सुबह के समय घना कोहरा भी छाया रहता है, जो दृश्यता को गंभीर रूप से कम कर देता है। सड़कों पर गाड़ी चलाना खतरनाक हो गया है, खासकर हाइवे पर। कई जगह दृश्यता 50 मीटर से भी कम रह गई है।
इस कोहरे के कारण सुबह स्कूल जाने वाले बच्चों और ऑफिस जाने वाले लोगों को खासी परेशानी हो रही है। कई बार तो गाड़ियां धीमी चाल से चलनी पड़ती हैं।
स्वास्थ्य पर क्या असर ?
ठंड के साथ-साथ खांसी, जुकाम और बुखार जैसी मौसमी बीमारियां भी बढ़ने लगी हैं। अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ रही है, खासकर बच्चों और बुजुर्गों में।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बुजुर्गों और बच्चों को सलाह दी है कि वे ठंड में बाहर जाने से बचें, खुद को गर्म रखें और श्वसन संबंधी समस्याओं के लिए निगरानी रखें। डॉक्टरों का कहना है कि सर्दियों में निमोनिया का खतरा भी बढ़ जाता है, इसलिए सावधानी बरतना जरूरी है।

आगे मौसम कैसा रहेगा ?
अच्छी खबर यह है कि IMD ने अगले तीन दिनों में न्यूनतम तापमान में 3-4 डिग्री सेल्सियस की क्रमिक वृद्धि का अनुमान लगाया है। लेकिन इसके बाद भी कोई बड़ी राहत नहीं मिलेगी, क्योंकि पूरे राज्य में सूखे मौसम की स्थिति बनी रहेगी।
IMD के मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, 15 नवंबर के बाद धीरे-धीरे तापमान स्थिर होगा, और 20-21 नवंबर तक न्यूनतम तापमान 15-17 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ जाएगा। इस पूरी अवधि में अधिकतम तापमान 26 से 29 डिग्री सेल्सियस के बीच दबा रहेगा।
यानी अभी कुछ दिनों तक तो ठंड का यह दौर जारी रहने वाला है। नवंबर के आखिर तक मौसम में कुछ सुधार हो सकता है।
लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए ?
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे सुबह और शाम बाहर निकलते समय गर्म कपड़े पहनें। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को ठंड से बचाव के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।
यहां कुछ जरूरी टिप्स हैं :
– सुबह जल्दी या रात को बाहर जाने से बचें
– गर्म कपड़े पहनें, खासकर कान, हाथ और पैर ढककर रखें
– गर्म पानी पीते रहें, शरीर में पानी की कमी न होने दें
– बच्चों को स्कूल भेजते समय अच्छे से गर्म कपड़े पहनाएं
– कोहरे में गाड़ी चलाते समय सावधानी बरतें और धीमी स्पीड में चलें
– अगर सांस लेने में दिक्कत हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
किसानों के लिए चिंता की बात : –
गुमला और लोहरदगा के इलाकों में पाले से खेतों को खतरा है, जो गेहूं और सब्जियों जैसी सर्दियों की फसलों को नुकसान पहुंचा सकता है। किसान अपने खेतों में धुआं करके या पॉलिथीन शीट से ढककर फसलों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय बुवाई के बाद की फसलें नाजुक अवस्था में होती हैं। अगर पाला पड़ गया तो पौधे मर सकते हैं या उनकी बढ़वार रुक सकती है।
नवंबर में यह ठंड असामान्य है : –
यह नवंबर के मध्य के लिए असामान्य ठंड है, जो आमतौर पर दिसंबर या जनवरी में आती है। रांची और आसपास के इलाकों में तापमान कुछ ही दिनों में पांच से छह डिग्री सेल्सियस गिर गया।
पिछले हफ्ते तक लोग हल्के कपड़ों में घूम रहे थे, लेकिन जैसे ही पारा गिरा, स्वेटर और जैकेट तुरंत वापस आ गए। यह शुरुआती शीत लहर झारखंड की अस्थिर मौसम पैटर्न के प्रति संवेदनशीलता को उजागर करती है।
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शहरों में कपड़ों और हीटर की मांग बढ़ी : –
शहरी इलाकों में गर्म कपड़ों और हीटर की मांग में उछाल देखा जा रहा है। बाजारों में रजाई, कंबल, स्वेटर और जैकेट की बिक्री तेजी से बढ़ गई है। दुकानदारों का कहना है कि अचानक मौसम बदलने से लोग अब सर्दियों की तैयारी में जुट गए हैं।
इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकानों पर रूम हीटर और ब्लोअर की मांग भी बढ़ी है। कई दुकानों में तो कुछ मॉडल स्टॉक से बाहर हो गए हैं।
अब क्या उम्मीद करें ?
IMD ने कोडरमा, गढ़वा, लातेहार, लोहरदगा, रांची, रामगढ़, पलामू और सिमडेगा के लिए अगले पांच दिनों के लिए विशेष कोल्ड अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में तापमान 9 से 10 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की उम्मीद है।
15 नवंबर तक शुष्क मौसम की स्थिति बनी रहेगी, साफ से आंशिक बादलों वाले आसमान के साथ। यानी बारिश की कोई संभावना नहीं है, और रातें ठंडी बनी रहेंगी।
झारखंड के लोगों को अब पूरी तरह से सर्दियों के लिए तैयार हो जाना चाहिए। यह सिर्फ शुरुआत है, आने वाले दिनों में ठंड और भी बढ़ सकती है। दिसंबर-जनवरी में तो पारा और नीचे गिरने की उम्मीद है।
तो दोस्तों, अपना और अपने परिवार का ख्याल रखिए। गर्म कपड़े पहनिए, गर्म चीजें खाइए-पीजिए, और सर्दियों का मजा लीजिए। लेकिन सावधानी जरूर बरतिए, क्योंकि सेहत से बढ़कर कुछ नहीं है!