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Mehli Mistry का विवादित इस्तीफा और टाटा ट्रस्ट्स की नई दिशा

Mehli Mistry का विवादित इस्तीफा और टाटा ट्रस्ट्स की नई दिशा

Mehli Mistry का विवादित इस्तीफा और टाटा ट्रस्ट्स की नई दिशा ( image source - times of india )

टाटा ट्रस्ट्स में अभी कुछ समय से हलचल चल रही थी और हाल ही में इसका एक बड़ा मोड़ आया है। Mehli Mistry ने टाटा ट्रस्ट्स से अपने सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपनी चिट्ठी में खास तौर पर ट्रस्ट के अन्य सदस्यों से अपील की है कि वे रतन टाटा के मूल विजन, यानी पारदर्शिता, अच्छी प्रबंधन प्रणाली और समाज हित की भावना को बनाए रखें। इस ब्लॉग में आम भाषा में समझते हैं Mehli Mistryके इस फैसले की वजह और इसके पीछे की पूरी कहानी।

Mehul Mistry कौन हैं ? : –

Mehli Mistry , जो टाटा परिवार से जुड़े प्रतिष्ठित परिवार के सदस्य हैं और रतन टाटा के करीबी साथी माने जाते हैं, वर्षों से टाटा ट्रस्ट्स के ट्रस्टी के रूप में काम करते रहे हैं। वे पूर्व टाटा संस के अध्यक्ष सिरस मिस्ट्री के करीबी रिश्तेदार भी हैं। इनका काम मुख्य रूप से टाटा ट्रस्ट्स के वारिसत्व और समाज सेवा योजनाओं में योगदान देना रहा है।

इस्तीफे के पीछे की वजह : –

Mehli Mistryने 4 नवंबर 2025 को एक पत्र टाटा ट्रस्ट्स के अध्यक्ष नोएल टाटा को लिखा, जिसमें उन्होंने स्पष्ट किया कि वे ट्रस्ट्स में चल रही आंतरिक विवादों और मतभेदों को देखते हुए इस्तीफा दे रहे हैं। उनका कहना था कि वे नहीं चाहते कि इन मतभेदों से टाटा ट्रस्ट्स की प्रतिष्ठा को कोई नुकसान पहुँचे। उन्होंने कहा, “रतन टाटा ने हमेशा कहा था कि ‘कोई भी संस्था से बड़ी नहीं होती’, और मैं इसी भावना के साथ ट्रस्ट से विदा ले रहा हूँ।”उनकी इस चिट्ठी में ट्रस्ट के अन्य सदस्यों से आग्रह भी शामिल था कि वे पारदर्शिता, बेहतर शासन और आम हित को प्राथमिकता दें। उनके इस्तीफे का समय अक्टूबर 28, 2025 को प्रभावी हुआ।

टाटा ट्रस्ट्स में क्या हो रहा था ? : –

पिछले कुछ महीनों से ट्रस्ट्स में विभिन्न सदस्यों के बीच मतभेद और शक्ति संघर्ष की खबरें आ रही थीं। खासकर नोएल टाटा, वेणु श्रीनिवासन और विजय सिंह जैसे सदस्यों ने मेहली मिस्ट्री की पुनः नियुक्ति के खिलाफ वोट दिया था। इस स्थिति ने ट्रस्ट्स के अंदर अस्थिरता पैदा कर दी थी।

Mehli Mistry का विवादित इस्तीफा और टाटा ट्रस्ट्स की नई दिशा (image source – the indian express )

Mehli Mistry ने इससे पहले भी न्यायालय में अपनी बात रखने के लिए महाराष्ट्र चैरिटी कमिश्नर के सामने याचिका दायर की थी ताकि उन्हें निष्पक्ष सुनवाई मिल सके। लेकिन अंततः उन्होंने विवादों को खत्म करते हुए इस्तीफा देना ही बेहतर समझा।

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रतन टाटा का विजन और आगे का रास्ता : –

Mehli Mistry ने अपने पत्र में रतन टाटा के आदर्शों को याद दिलाते हुए कहा कि ट्रस्ट्स को समाज सेवा के लिए काम करना चाहिए, जहां कोई व्यक्तिगत कलह या विवाद संस्थान की छवि को प्रभावित न करें। उन्होंने सभी ट्रस्टियों से अपील की कि वे रतन टाटा के सिद्धांतों को बनाए रखते हुए आगे बढ़ें।

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विश्लेषकों का मानना है कि Mehli Mistry के इस्तीफे से टाटा ट्रस्ट्स के भीतर मौजूदा तनावों को कम करने में मदद मिलेगी और नोएल टाटा की अध्यक्षता में ट्रस्ट अधिक स्थिर और संगठित हो सकेगा।

आम आदमी की नजर से समझें कहानी : –

कल्पना कीजिए कि आप किसी बड़ी संस्था के एक भरोसेमंद सदस्य हैं, जिसे आप परिवार की तरह मानते हैं। लेकिन अंदर के मतभेदों और झगड़ों की वजह से संस्था की इज्जत कमजोर होने लगी। आप किसी और झगड़े को बढ़ावा देना नहीं चाहते। इसलिए आप सम्मान के साथ बाहर निकल जाते हैं, यह सोचकर कि इससे संस्था की छवि बनी रहेगी। Mehli Mistry ने इसी भावना के साथ टाटा ट्रस्ट्स से इस्तीफा दिया। इसके साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि बाकी लोग रतन टाटा के आदर्शों को पालन करते हुए ट्रस्ट को सही दिशा देंगे।

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