UPI QR कोड की संख्या 67.8 करोड़ पहुंची, सिर्फ 18 महीनों में दोगुनी हुई तेजी : –
आज डिजिटल भारत के हर कोने में मोबाइल से पेमेंट करना आम बात हो गई है। खासकर यूपीआई (Unified Payments Interface) ने हमारे लेन-देन को बेहद आसान बना दिया है। और अब बड़ी खबर ये है कि यूपीआई के QR कोड की संख्या भारतीय बाजार में तेजी से बढ़कर 67.8 करोड़ (678 मिलियन) हो गई है। सिर्फ 18 महीनों में यह संख्या लगभग दोगुनी हो गई है। आइए इस ब्लॉग में इस बढ़ोतरी का मतलब, वजह और इसके फायदे आसान भाषा में समझते हैं।
UPI QR कोड क्या है ? : –
UPI QR कोड एक छोटा सा स्कैन करने वाला कोड होता है, जिसे आप मोबाइल फोन से स्कैन करके तुरंत भुगतान कर सकते हैं। इससे कोई भी व्यक्ति बिना नकद के सीधे अपने बैंक अकाउंट से पैसे भेज सकता है। आपको मोबाइल ऐप में सिर्फ कोड स्कैन करना होता है और आपका पेमेंट हो जाता है। इस तकनीक ने खासकर छोटे दुकानदार, किराना वाले, रेस्तरां, और अन्य व्यापारियों के लिए पेमेंट लेना बहुत सरल कर दिया है।
UPI QR कोडों की बढ़ोतरी का राज : –
RBI और NPCI की रिपोर्ट के मुताबिक मार्च 2025 तक यूपीआई QR कोडों की संख्या 67.8 करोड़ तक पहुंच चुकी है, जो जनवरी 2024 में करीब 32 करोड़ से दोगुनी हुई है। इसका मतलब है कि छोटे, मझोले और बड़े हजारों व्यापारियों ने डिजिटल पेमेंट को अपनाया है।
यह वृद्धि Google Pay, PhonePe, Paytm जैसे भुगतान ऐप्स के कारण संभव हुई है, जिन्होंने इनकी तैनाती कई इलाकों तक पहुंचाई है। इसके अलावा, बैंक भी नए QR कोड जारी कर रहे हैं ताकि डिजिटल भुगतान को और सुलभ बनाया जा सके। इस तेजी के कारण यूजर्स अब खुदरा दुकानों, टैंपोररी मार्केट, और गांव-शहर के हर छोटे व्यापार में बिना पैसे छुए भुगतान कर पा रहे हैं।
कब और क्यों बढ़ा यूपीआई का दबदबा ? : –
UPI ने बहुत तेजी से डिजिटल पेमेंट में अपनी जगह बनाई है। वित्त वर्ष 2024-25 में यूपीआई की ट्रांजेक्शन वैल्यू 24.77 लाख करोड़ रूपए तक पहुंच गई है, जो पिछले साल की तुलना में 25% ज़्यादा है। वहीं, ट्रांजेक्शन की संख्या भी 36% की तेज़ी से बढ़ी है।UPI का इस तरह दबदबा इसलिए है क्योंकि यह सस्ता, तेज़, आसान और हर स्मार्टफोन में काम करता है। खास बात यह है कि यूपीआई की मदद से ना सिर्फ बड़े कारोबारी, बल्कि छोटे दुकानदार और किराना वाले भी डिजिटल लेन-देन में आसानी से जुड़े हैं।

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आम आदमी के लिए यूपीआई QR कोड की बढ़ोतरी का मतलब : –
- सुविधा और सुरक्षा : अब आपको खरीदारी के लिए नकद ले जाने या कार्ड स्वाइप मशीन की जरूरत नहीं। बस फोन से QR कोड स्कैन करें और पैसे तुरंत ट्रांसफर हो जाएं।
- सभी के लिए उपलब्ध : चाहे आप किसी छोटे गांव के दुकानदार हों या बड़े शहर के कपड़ों के व्यापारी, यूपीआई QR कोड से आपका व्यापार डिजिटल हो जाएगा।
- जीवन को आसान बनाना : इससे भुगतान में होने वाली लम्बी कतारें खत्म होती हैं और दुकानदार-ग्राहक दोनों का समय बचता है।
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आगे की संभावनाएं : –
भारत सरकार और RBI की डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने की योजनाओं से उम्मीद है कि यूपीआई QR कोड की संख्या और भी बढ़ेगी। “हर पेमेंट डिजिटल” जैसे अभियान इस बढ़ोतरी को और बढ़ावा देंगे। साथ ही अब बायोमेट्रिक और पिन-लेस UPI पेमेंट्स, चैट-बेस्ड पेमेंट और वैश्विक UPI कॉरिडोर जैसी नवप्रवर्तनें आने वाली हैं, जो यूपीआई को और भी आसान और सुलभ बनाएंगी।
UPI QR कोड की इतनी जबरदस्त बढ़ोतरी यह दर्शाती है कि भारत डिजिटल पेमेंट में कितनी तेजी से आगे बढ़ रहा है। आम आदमी के लिए यह खुशखबरी है कि अब हर जगह डिजिटल भुगतान करना आसान और सुरक्षित हो गया है। इससे न केवल हमारा समय बचता है, बल्कि लेन-देन में पारदर्शिता भी आती है।